अमृतसर। घी मंडी से श्री हरमंदिर साहिब को जाने वाली सड़क पर सौंदर्यीकरण योजना के तहत आने वाली 105 दुकानों को नगर सुधार ट्रस्ट ने शनिवार सुबह गिरा दिया। इन इमारतों के गिरने से 500 से अधिक परिवार आर्थिक रूप में प्रभावित हो गए है। हालांकि इन इमारतों को यहां रहने और कारोबार करने वाले लोगों ने बहुत पहले ही खाली कर दिया था। बावजूद इसके इन इमारतों को बचाने के लिए दुकानदार पिछले 15 दिनों से जलियांवाला बाग के बाहर धरने पर बैठे थे।
प्रभावित दुकानदारों के पक्ष में भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो. लक्ष्मी कांता चावला समेत कांग्रेस व अन्य राजनीतिक दलों ने भी प्रदर्शन किया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। नगर सुधार ट्रस्ट, जिला सिविल और पुलिस प्रशासन ने इन दुकानों को शनिवार सुबह करीब साढ़े चार बजे गिरा दिया। प्रशासन को आशंका थी कि लोग इमारतें गिराने के विरोध में सड़कों पर आएंगे। इस को मुख्य रखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। महिला पुलिस की भी एक टुकड़ी मंगवाई गई थी।
घी मंडी से जलियांवाला बाग मार्केट तक की सड़क को चौड़ा करने की एक योजना पंजाब सरकार की ओर से बनाई गई थी। इस सड़क पर मौजूद 105 से अधिक इमारतों में दुकानें चला रहे दुकानदारों को प्रशासन ने माल मंडी और जहाज गढ़ में दुकानें व जगह उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया था। प्रशासन की ओर से दुकानदारों के साथ बैठकें भी आयोजित की गई। लेकिन दुकानदार उक्त दोनों स्थानों पर जाने को तैयार नहीं थे। दुकानदारों की मांग थी कि पहले उनके विकल्प के रूप में दुकानें उपलब्ध करवाई जाए लेकिन प्रशासन इसके लिए तैयार नहीं हुआ।
जलियांवाला बाग मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कुंद्रा ने कहा कि प्रशासन और सरकार ने उनके साथ धोखा करके दुकानें अंधेरे में गिरा दी है। एक ओर दुकानदारों को बातचीत के लिए बुलाया जा रहा है दूसरी और दुकानें गिरा दी गई है। उन्होंने कहा कि इस बाजार में खानपान के सामान की दुकानें थी जिनमें करियाना, आटा, मनियारी, कपड़ा, रेडीमेड कपड़े और हलवाई आदि की दुकानें थी। वह शांत होकर नहीं बैठेंगे। इसके विरोध में जल्दी ही बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।