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कभी भी बंद हो सकता है तलवंडी पावर प्लांट का काम: बाजवा

Wed, 17 Apr 2013 05:30 AM IST
Amritsar
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अमृतसर। पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप सिह बाजवा ने कहा कि शिअद-भाजपा सरकार का सहयोग न मिलने कारण तलवंडी साबो थर्मल पॉवर प्लांट का काम किसी भी समय बंद हो सकता है। इससे उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल का पंजाब को पॉवर सरप्लस बनाने का झूठ सबके सामने आ गया है।
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बाजवा मंगलवार को अमृृतसर में पार्टी की ओर से सीनियर नेताओं और वर्करों के साथ आयोजित एक वर्कशाप के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि थर्मल प्लांट की प्रमोटर कंपनी स्टरलग लिमिटेड द्वारा शिअद भाजपा सरकार पर लगाया गया आरोप गंभीर है और इससे निवेशकों का पंजाब के प्रति उत्साह भंग होगा। कंपनी का आरोप है कि सहायक वातावरण न होने कारण व अफसरशाही से तंग आकर उन्हें काम रोकने को मजबूर होना पड़ा है।
यहां प्रोजेकट उस वक्त आकर रुका है, जब कंपनी ने दस हजार करोड़ की अनुमानित राशि से सात हजार करोड़ रुपए खर्च दिए हैं। यह शिअद-भाजपा सरकार के पूरी तरह से पतन को दर्शाता है।
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बाजवा ने सुखबीर बादल के दावों को सफेद झूठ करार देते हुए हैरानी जताई कि सुखबीर बैसाखी वाले दिन तलवंडी साबो की पवित्र धरती पर भी पंजाब को पॉवर सरप्लस बनाने का झूठ बोलते रहे। जिन्होंने 13 अप्रैल को पहले थर्मल प्लांट का उद्घाटन करना था। मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री ने 2007 में शिअद मेनीफेस्टो में पंजाब को 2010 तक पॉवर सरप्लस बनाने का वादा किया था।
बाजवा ने कहा कि थर्मल प्लांट के प्रमोटर पंजाब स्टेट पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड व राज्य सरकार के साथ कानूनी परेशानियों में फंस गए थे और अपनी दो कंपिनयों को समझौते में लाने में असफल रहे। ऐसे में सुखबीर कैसे दावा करते हैं कि जून 2013 तक तलवंडी साबो थर्मल प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा, जब कोयले की सप्लाई संबंधी कोई समझौता ही नहीं हुआ।
बाजवा ने कहा कि असल में पॉवर प्रोजेक्टों का काम पीछे रह गया है और पिछले छह सालों में बिजली के रेटों में 90 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी ने लोगों को अपनी आमदनी का बड़ा हिस्सा बिजली पर खर्चने को मजबूर कर दिया है। जबकि इंडस्ट्री राज्य से पलायन कर रही है। स्माल स्केल इंडस्ट्री के लिए महंगी बिजली खात्मे का कारण बनी है। इसी तरह लुधियाना की निटवियर इंडस्ट्री ने हिमाचल प्रदेश जाने का फैसला ले लिया है। पंजाब की ज्यादातर इंडस्ट्री पहले ही गुजरात व मध्य प्रदेश जा चुकी है। मंडी गोबिदगढ़ की 90 प्रतिशत इंडस्ट्री गुजरात चली गई है।
इंडस्ट्री पर अवकाश थोप रहे
कांग्रेस प्रधान ने कहा कि शिअद-भाजपा सरकार कृषि क्षेत्र को वैकल्पिक दिनों में मात्र 4 घंटे बिजली की सप्लाई दे रही हैं। इंडस्ट्री पर अवकाश थोपा जा रहा है। गर्मियों से पहले ही शहरों में कट लगने शुरू हो गए हैं। जबकि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान कृषि क्षेत्र को रोजाना 9 से 10 घंटे की बिजली सप्लाई सुनिश्चित की गई थी व इंडस्ट्री और घरेलू क्षेत्र को 24 घंटे सामान्य रूप से सप्लाई मिलती थी।
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