बीडीपीओ दफ़्तर में मजदूरों ने लगाया धरना
सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
बटाला। ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (एक्टू) के झंडे तले मजदूर मुक्ति मोर्चा ने सोमवार को बीडीपीओ दफ्तर बटाला पर धरना देकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी मनरेगा वर्करों के साथ की जा रही धक्केशाही के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने मांगों के लिए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मजदूर नेता मनजीत राज, अश्वनी हैप्पी और सीपीआईएम लिबरेशन के जिला सचिव गुलजार सिंह भुंभली ने कहा कि मनरेगा को कानून में स्पष्ट किया गया है। बताया गया है कि मनरेगा के कार्ड बनवाने और मजदूरी का काम हासिल करने में मजदूर संगठन हस्तक्षेप करने का अधिकार रखते हैं। इस संबंध में जब भी मजदूर नेता, बीडीपीओ और मनरेगा अधिकारियों तक पहुंचते हैं, तो उक्त अधिकारी सरकार के दबाव में आकर मिलने आए मजदूर नेताओं और आम लोगों के साथ अपमानजनक व्यवहार करते हैं। नेताओं ने मनरेगा और अन्य सार्वजनिक कामों में कानून की बजाय राजनीतिक दखल के तहत काम करने वाले अधिकारियों को तब्दील करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मनरेगा कानून के अनुसार सप्ताह के बाद मजदूरों को उनके मेहनताने का भुगतान करना जरूरी होता है। चार हफ्तों से मजदूरों को मजदूरी का पैसा नहीं दिया जा रहा। मनरेगा का काम जिले के करीब पांच प्रतिशत मजदूरों को ही कुल दिनों के लिए दिया जा रहा है। मजदूर नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर बटाला व अन्य दफ्तरों में यूनियन नेताओं और काम मांगने गए मजदूरों को परेशान करना बंद नहीं किया गया तो अधिकारियों का लगातार घेराव किया जाएगा। मौके पर सुखदेव सिंह, सर्वजीत सिंह, लखविंदर सिंह, शरणजीत, सर्वजीत, प्रेम सिंह उपस्थित थे।
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कैप्शन- बटाला बीडीपीओ दफ्तर पर धरना प्रदर्शन करते हुए मजदूर मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता।