‘सियासत’ में बंट गई शाम सिंह अटारीवाला की ‘शहादत’
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। सिख कौम के जरनैल कहे जाने वाले शाम सिंह अटारीवाला की शहादत भी सियासत में बंट गई है। 10 फरवरी को उनकी शहादत में देश के कोने-कोने से लोग उन्हें याद करने के लिए पहुंचते हैं। सरहद पर राज्यस्तरीय समारोह होता है और उसमें शिरकत हजारों लोग करते हैं। लेकिन इस बार शाम सिंह अटारीवाला की शहादत दो समारोह में मनाई गई। पिछले दस सालों तक इस समारोह की कमान पूर्व कैबिनेट मंत्री गुलजार सिंह राणिके के कंधों पर रही है। इस बार उनकी देखरेख में समारोह अटारी में मनाया गया जबकि राज्यस्तरीय समारोह पंजाब सरकार ने इंडिया गेट पर मनाया।
मुख्यमंत्री व मौजूदा सरकार के कई मंत्री व विधायक इंडिया गेट व शाम सिंह अटारीवाला की समाधि को नमन करने के बाद लौट आए जबकि अटारी में होने वाले उस समारोह में शिरकत नहीं की। इसी बात को लेकर जब सोशल मीडिया व कुछ न्यूज चैनलों पर यह खबर चलने लगी कि मुख्यमंत्री अटारी में आयोजित समारोह को बिना संबोधित किए चले गए तो मुख्यमंत्री के प्रवक्ता ने जिला जनसंपर्क अधिकारी के मार्फत रात करीब आठ बजे मीडिया को ई-मेल करते हुए बताया कि राज्यस्तरीय समारोह केवल इंडिया गेट पर था, जिस समारोह की बात कर रहे हैं उनमें न आमंत्रण था और न ही रू्ट प्लान में शामिल था।