मामून में झड़प के बाद हाईवे जाम
मीट मार्केट में भी दुकानदारों से उलझे प्रदर्शनकारी
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
एससी, एसटी संगठनों के भारत बंद के चलते सोमवार को पठानकोट में कई जगहों पर झड़पें हुईं। मामून में दुकानें बंद करवाने के मुद्दे पर बहुजन समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय हिंदू सेना के सदस्यों में झड़प हो गई गई। इसके रोषस्वरूप एससी, एसटी संगठनों ने तीन घंटे नेशनल हाईवे भी जाम कर दिया। पुलिस के आश्वासन के बाद जाम खोला गया।
बीएसपी ने राष्ट्रीय हिन्दू सेना के खिलाफ शिकायत पुलिस को दे दी है। वहीं राष्टीय हिंदू सेना ने खुद पर लगे आरोपों को नकारते हुए बीएसपी सदस्यों पर हाथापाई और जबरदस्ती करने के आरोप लगाए हैं। वहीं मामून के कुछ दुकानदारों ने भी बीएसपी नेता के खिलाफ शिकायत पुलिस को दी है।
इसके अलावा शहर की सब्जी मंडी स्थित मीट मार्केट में भी कुछ दुकानदारों की झड़प एससी/एसटी संगठन सदस्यों के साथ हो गई। जिसके बाद पुलिस को मौके पर पहुंच कर मामला शांत करवाना पड़ा। वहीं डल्हौजी रोड पर भी कुछेक दुकानदारों के साथ कहासुनी एससी/एसटी संगठनों की हुई।
बहुजन समाजवादी पार्टी की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया है कि उनके पार्टी सदस्यों एंव अन्य दलितों द्वारा शंातिपूर्वक ढंग से मामून में भारत बंद के तहत प्रदर्शन किया जा रहा था। जिसके बाद राष्ट्रीय हिंदू सेना के कुछ लोग राष्ट्रीय अध्यक्ष रजनीश कालू की अगुवाई में तेजधार हथियार लेकर आ पहुंचे और दलितों पर हमला कर दिया। जिससे दलित समाज के मंगल निवासी गांव चिकली तरेहटी, राकेश कुमार निवासी पंगोली, मुकेश कुमार निवासी गांव बुंगल घायल हो गए हैं।
वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रीय हिन्दू सेना के अध्यक्ष रजनीश कालू ने बीएसपी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि बीएसपी के जिला कोओर्डिनेटर करनैल चंद की अगुवाई में दलित समाज के कुछ लोग तेजधार हथियार लेकर मामून मार्केट पहुंचे और दुकानदारों से मारपीट करने लगे। राष्ट्रीय हिन्दू सेना ने मामले में बस बीच बचाव किया। उन्होंने कहा कि पुलिस को उन्होंने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने को कहा है। वहीं डीएसपी सिटी सुखजिंदर सिंह ने बताया कि दोनों गुटों की शिकायतें लेकर पूछताछ की जा रही है। मामला जांच के अधीन होने के कारण कुछ नहीं कहा जा सकता है। जांच के बाद जो सामने आएगा उसी के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी।