लड़कियां कर रहीं ट्रिपल राइड, नहीं होता चालान
ट्रैफिक पुलिस बोली, लड़कियों के ऐसे मामले नहीं आए कभी सामने
लड़कियों का कभी नहीं किया ट्रिपल राइड का चालान: डीएसपी
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
जिले में ट्रैफिक नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए आए दिन सेमिनार लगाए जाते हैं। इसके बावजूद रोजाना सैकड़ों लोग ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करते हैं। लड़के ही नहीं बल्कि लड़कियां भी ट्रिपल राइड करके ट्रैफिक नियम तोड़ रही हैं। हैरत की बात यह है कि ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि लड़कियों की ट्रिपल राईड जैसे मामले कभी सामने ही नहीं आए। मामले विभाग के ध्यान में आएंगे तो कार्रवाई करेंगे।
दोपहिया वाहनों पर चालक समेत दो लोगों को बैठने की ही अनुमति होती है। ट्रिपल राइड करने वाले पुरुष वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है और नाके पर उनका चालान काटा जाता है। महिला वाहन चालकों के मामले में ऐसा नहीं है। जिला ट्रैफिक पुलिस ने अब तक कोई चालान ट्रिपल राइड के तहत महिला वाहन चालक का नहीं काटा है। इस बात की पुष्टि खुद डीएसपी ट्रैफिक रंजीत सिंह ने की है। डीएसपी ट्रैफिक रंजीत सिंह ने बताया कि जिले में लड़कियों की ट्रिपल राइडिंग करने के मामले सामने नहीं आए हैं। वहीं उनके इस दावे के उलट शनिवार को ही शहर के मिशन रोड एंव गांधी चौक में दोपहिया वाहनों पर ट्रिपल राइडिंग करतीं ड़कियां देखी गईं।
लड़कियों की ओर से ट्रैफिक नियमों की अवहेलना किए जाने के सबसे अधिक मामले महिला शिक्षण संस्थानों के बाहर देखने को मिल रहे हैं। शिक्षण संस्थानों के बाहर जिला पुलिस ने विशेष तौर पर महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती छेड़छाड़ रोकने के लिए कर रखी है। यह महिला पुलिस कर्मी ट्रैफिक नियमों की अवहेलना होती देख भी चुप है। दरअसल इन पुलिस कर्मियों के पास चालान काटने का न तो अधिकार है और न ही चालान बुक। डीएसपी ट्रैफिक रंजीत ने बताया कि शिक्षण संस्थानों के बाहर तैनात कांस्टेबल चालान नहीं काट सकतीं। चालान काटने के लिए एएसआई रैंक या उससे बड़ा अधिकारी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नाकों पर अधिकारियों को भेजकर ट्रैफिक नियमों का पालन कराया जाएगा।