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नायब तहसीलदार नहीं मान रहा डिप्टी कमिश्नर के आर्डर

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बैंक ने नायब तहसीलदार के खिलाफ दी शिकायत
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शहर के एक कारोबारी परिवार से वसूलने हैं 13 करोड़ से अधिक रुपये
एनपीए घोषित होने के बाद बैंक ने मोर्टगेज की गई प्रॉपर्टी पर करना है कब्जा
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। शहर के एक बड़े कारोबारी परिवार की ओर से पंजाब एंड सिंह बैंक से लिए पौने दस करोड़ के ऋण की राशि न लौटाने पर डीसी कमलदीप सिंह संघा ने कारोबारी के बैंक खाते को नॉन परफार्मिंग एसेट्स (एनपीए) घोषित कर दिया, लेकिन इसके बावजूद उसकी संपत्ति को अटैच करने के लिए जिला प्रशासन ने बैंक अधिकारियों की कोई भी मदद नहीं की। इससे आहत होकर बैंक मैनेजर राजिंदर कुमार अरोड़ा ने डिप्टी कमिश्नर को एक पत्र लिखा है। मैनेजर अरोड़ा ने अमर उजाला को बताया कि इस पत्र में मांग की गई है की बटाला रोड स्थित गली मुर्गी खाना में कपड़े का कारोबार करने वाली फर्म पन्नू सिंथेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड ने सितंबर 2013 में कारोबार करने के लिए बैंक से पौने दस करोड़ का ऋण लिया था। कुछ समय बैंक का खाता ठीक ढंग से चलाया गया, बाद में पार्टी ने खाते की ऑपरेशन कम कर दी। पौने दस करोड़ के लोन में ब्याज के साथ अब यह राशि 13 करोड़ से अधिक की हो चुकी है। बैंक अधिकारियों ने कई बार कारोबारी के फैक्टरी स्थल का दौरा किया। फैक्टरी के बाहर वॉचमन मिलते थे, कई बार बैंक अधिकारियों को फैक्टरी के भीतर नहीं जाने नहीं दिया गया।
जब अधिकारियों को इस बात का विश्वास हो गया कि कारोबारी बैंक का ऋण नहीं उतार पा रहा तो बैंक ने 2002 में केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए सरफेसी कानून के तहत डीसी को मामले की जानकारी दी। डीसी ने पत्र में बैंक को इस फर्म की प्रॉपर्टी पर कब्जा करने की आज्ञा दे दी थी। पत्र में डीसी से शिकायत की गई कि नायब तहसीलदार/ड्यूटी मजिस्ट्रेट कारोबारी की प्रॉपर्टी पर कब्जा लेने के लिए कोई भी सहयोग नहीं कर रहें है। नायब तहसीलदार मामले को लटका रहे हैं। डिप्टी कमिश्नर से गुहार लगाई गई है कि वह नायब तहसीलदार को निर्देश दें कि आपके द्वारा दिए आर्डर को पूरा करे। कारोबारी की प्रॉपर्टी का कब्जा बैंक को मिले, इसके लिए जितनी जल्दी हो सके, तारीख निर्धारित की जाए।
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कारोबारी की प्रापर्टी पर कब्जा लेने के लिए प्रशासन का सहयोग चाहिए : अरोड़ा
बैंक मैनेजर ने बताया कि वह बैंक के वकील रवि महाजन के साथ डीसी से मिलने वीरवार सुबह गए थे। डीसी के व्यस्त होने के कारण उनके ऑफिस ने उन्हें दो बजे आने को कहा था। दो बजे जब डीसी ऑफिस गए तब भी मुलाकात नहीं हो सकी। अब शुक्रवार सुबह मिलने का कार्यक्रम है। इस कारोबारी परिवार ने कोर्ट रोड स्थित कोठी, फैक्टरी की मशीनरी, लैंड के साथ जम्मू के बड़ी ब्राह्मण स्थित लैंड मोर्टगेज करवाई हुई है। इस प्रॉपर्टी पर बैंक ने कब्जा लेना है। इसके लिए जिला प्रशासन की मदद की जरूरत है।
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