1550 से अधिक फाइलें फंसी, आज से भूख हड़ताल
डीसी, एसडीएम और तहसील दफ्तर के कर्मचारियों की हड़ताल का दूसरा दिन
हड़ताल की समय सीमा बढ़ी, 30 को कमिश्नर के कार्यालयों का होगा घेराव
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। डीसी, एसडीएम और तहसील दफ्तरों में खाली पदों की भर्ती, पदोन्नति और महंगाई भत्ते की अदायगी समेत अन्य मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने आंदोलन जारी रखने की घोषणा की है। पहले यूनियन ने सोमवार और मंगलवार को हड़ताल करने का एलान किया था। बुधवार को तीनों विभागों के कर्मचारी तहसील परिसर में भूख हड़ताल पर बैठेंगे। वहीं 30 अगस्त को कमिश्नर दफ्तरों का घेराव करने के लिए सभी कर्मचारी सामूहिक छुट्टी लेकर जालंधर जाएंगे।
दो दिन की हड़ताल से जिला भर में लोगों के कामों की 1550 से अधिक फाइलें फंस गई हैं। लोगों के कास्ट सर्टिफिकेट, रेजीडेंस सर्टिफिकेट, असलहा लाइसेंस समेत 17 तरह के काम हड़ताल के कारण अटक चुके हैं। मंगलवार को भी काम करवाने आए लोग एक से दूसरे कमरों में भटकते रहे और दोपहर तक काम शुरू न होने पर लौट गए।
कर्मचारी यूनियन के प्रधान संजीव पठानिया और महासचिव गुरदीप सफरी ने बताया कि 29 को कलम छोड़ हड़ताल जारी रहेगी और 5-5 मुलाजिम रोज भूख हड़ताल पर बैठेंगे। 30 अगस्त को सभी कर्मचारी सामूहिक छुट्टी लेकर जालंधर, फरीदकोट, फिरोजपुर, रूपनगर और पटियाला कमिश्नर के दफ्तरों के सामने रोष प्रदर्शन कर घेराव करेंगे। सफरी ने बताया कि पठानकोट में प्रधान और महासचिव सहित तमाम कर्मचारी भूख हड़ताल में शामिल होंगे।
हड़ताल के चलते मिनी सचिवालय में काम करवाने आए स्कूली बच्चों और बुजुर्गों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मंगलवार को भी लोग बिना काम करवाए लौट गए। छात्रा सलोनी, हर्षित और सपना ने बताया कि स्कूल वालों ने रेजिडेंस और कास्ट सर्टिफिकेट मांगा है, सोमवार को सर्टिफिकेट फाइल करने की लास्ट डेट थी। गांव बमियाल से जमीन की फर्द लेने आए सरदारी लाल और कल्याण सिंह ने बताया कि 2 दिन से चक्कर लगा रहे हैं, एक बार के चक्कर में 200 रुपये किराया लगता है। अब तक 400 रुपये खर्च कर चुके हैं पर काम नहीं हो पा रहा।