गुरुद्वारा करतारपुर साहिब को भारत के साथ जोड़ने के लिए गंभीर नहीं थी लीडरशिप: पुरी
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। अमृतसर संसदीय हलके से भाजपा प्रत्याशी व केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने सिखों की धार्मिक भावनाओं के साथ जुड़े श्री करतारपुर कॉरिडोर के मुद्दे पर कांग्रेस की तत्कालीन लीडरशिप पर तंज कसते हुए कहा कि दोनों देशों कि सीमाओं का विभाजन करते हुए इस बात का ध्यान नहीं रखा गया कि सिखों की धार्मिक आस्था के प्रतीक गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब को भारत की सीमा के साथ जोड़ा जाए। इस लीडरशिप ने दोनों देशों की सीमाओं की रेखाएं निर्धारित करते समय सिखों की धार्मिक भावनाओं की अनदेखी की थी। कांग्रेस लीडरशिप गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब को भारत सीमा के साथ जोड़ने के लिए गंभीर नहीं थी। हरदीप पुरी वीरवार को भाजपा मुख्यालय खन्ना स्मारक में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। हरदीप पुरी ने कहा कि जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पाकिस्तान गए थे, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने दोनों देशों के बीच होने वाली बैठक में करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए विशेष व्यवस्था करने का मुद्दा उठाया था। श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के लिए गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में एक कमेटी का गठन हुआ था। उस कमेटी ने निर्णय किया था कि करतारपुर साहिब के लिए कॉरिडोर का निर्माण करने के लिए प्रयास शुरू किए जाएं। भारत सरकार के प्रयास से करतारपुर साहिब कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू हुआ। हरदीप पुरी ने कहा कि वह आगामी एक-दो दिन में गुरु नगरी के विकास का एक विजन डाकुमेंट पेश करेंगे।