कांग्रेस की पठानकोट में हैट्रिक
एक साल के भीतर जिले में हुए तीनों चुनाव में जीती कांग्रेस
जितेंद्र शर्मा
पठानकोट।
वर्ष 2017 कांग्रेस के लिए जिले में सुनहरा रहा है। इस वर्ष कांग्रेस ने जिले में चुनावी जीत की हैट्रिक लगा ली है। इन तीनों जीतों में निकाय, विधानसभा से लेकर लोकसभा तक के चुनाव शामिल हैं। सबसे पहले कांग्रेस ने फरवरी में हुए विधानसभा चुनावों में जिले के तीन विधानसभा हलकों में से 2 पर जीत हासिल की। इसके बाद गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस सूबा प्रधान सुनील जाखड़ की जीत और अब जिले में हुए निकाय चुनाव में भी कांग्रेस ने जीत हासिल करके हैट्रिक लगा दी है। अब कांग्रेस ने हलका भोआ में नई बनी नरोट जैमल सिंह नगर काउंसिल में भी जीत हासिल की है।
कांग्रेस ने पहली जीत पंजाब विधानसभा चुनाव में दर्ज की। पिछले पांच सालों से जिले के तीनों विधानसभा हलकों पर काबिज भाजपा को कांग्रेस ने दो हलकों से खदेड़ दिया। इसके बाद गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंकी। सबसे मजबूत चेहरे के रूप में अपने पंजाब प्रधान को ही गुरदासपुर उपचुनाव के मैदान में उतार दिया। खुद सीएम ने भी प्रचार किया और नतीजतन दूसरी जीत कांग्रेस को जिले में मिली। अब नरोट जैमल सिंह नगर काउंसिल के पहले चुनाव में भी कांग्रेस ने कोई कसर नहीं छोड़ी और भाजपा को सभी 11 वार्डों में हराकर जीत हासिल की है।
ठोस नीतियां या सत्ता का फायदा
विधानसभा चुनावों को छोड़ दें तो बाकी दोनों चुनावों में कांग्रेस पर सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगा है। लोकसभा उपचुनाव में जहां भाजपा उम्मीदवार स्वर्ण सिंह सलारिया, पंजाब भाजपा प्रधान विजय सांपला समेत समूची जिला भाजपा कार्यकारिणी ने कांग्रेस पर सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था। अब नरोट जैमल सिंह नगर काउंसिल चुनाव में फिर कांग्रेस की जीत होने पर फिर भाजपा ने ही कांग्रेस पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। विरोधियों के इन आरोपों से एक सवाल यह भीे उठ रहा है कि वाकई में कांग्रेस की ठोस नीतियों के कारण जीत पर जीत मिल रही है या फिर ये सिर्फ सूबे की सत्ता में होने का फायदा मिल रहा है।