श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पवित्र स्वरूपों के गुम होने के मामले ने एक बार फिर सिख सियासत और पंथक संस्थाओं में उबाल ला दिया है।
पंथक नेताओं ने आरोप लगाया कि अतीत में जत्थेदारों की नियुक्ति और हटाने के फैसले रातोंरात किए गए, जिससे पंथक मर्यादाओं को ठेस पहुंची। उन्होंने आगाह किया कि यदि 328 स्वरूपों के मामले में भी ऐसा हुआ तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
इसी मुद्दे पर शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के महिला विंग ने तेजा सिंह समुंद्री हॉल के बाहर प्रदर्शन किया। वर्किंग अध्यक्ष ईमान सिंह मान और महासचिव हरपाल सिंह बलेर की अगुआई में महिला विंग ने एसजीपीसी को ज्ञापन सौंपा और प्रतीकात्मक रूप से चूड़ियां देने की कोशिश की, हालांकि एसजीपीसी के अतिरिक्त सचिव विज्य सिंह ने चूड़ियां लेने से इन्कार कर दिया। ईमान सिंह मान ने कहा कि सिख परंपरा में चूड़ियां जिम्मेदारी का एहसास दिलाने का प्रतीक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 328 पवित्र स्वरूपों के मामले में न तो जिम्मेदार अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई हुई और न ही पारदर्शी जांच सामने आई। उन्होंने दोहरे मापदंड अपनाने और संगत पर दर्ज मामलों को तुरंत रद्द करने की मांग की।
-निष्पक्ष और पारदर्शी जांच