अब जेल में मोबाइल फोन पहुंचाने वालों की तलाश
- जेल प्रशासन और पुलिस के लिए चुनौती बना कैदियों से मोबाइल बरामद होने का मामला
- जुलाई महीने में अब तक बरामद हुए है 30 मोबाइल
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर ।
जेल में होने के बावजूद मोबाइल फोन के सहारे जेल के बाहर आपराधिक गतिविधियों का संचालन करने वाले कैदी पुलिस के लिए अपराध नियंत्रण के मामले में चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं। अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि महज जुलाई के महीने में अब तक सेंट्रल जेल अमृतसर से कैदियों के पास से 30 मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं। कैदियों के पास से मोबाइल मिलने के मामले लगातार सामने आने के बाद अब सवाल है कि आखिर कैदियों को मोबाइल आखिर कैसे और कौन पहुंचा रहा है। इसीलिए अब जेल प्रशासन और पुलिस जेल में मोबाइल पहुंचाने वालों में की तलाश में जुट गई है।
जेल प्रशासन अब तीसरी आंख (सीसीटीवी) के सहारे जेल में मोबाइल पहुंचाने वालों के चेहरों को ढूंढ रहा है। इतना ही नहीं जेल के भीतर मौजूद मुखबिरों से भी संपर्क साधा जा रहा है। अमृतसर सेंट्रल जेल अतिसंवेदनशील जेलों में शामिल है। इसमें पाकिस्तानी, नेपाल, अफगानिस्तान, भूटान और बांग्लादेशी कैदी भी मौजूद हैं। इसके अलावा इसमें ऐसे गैंगस्टर कैद हैं, जिनके संबंध नाभा जेल ब्रेक कांड से जुड़े हैं। वहीं यहां कुछ ऐसे गैंगस्टर हैं, जिनके तार पाकिस्तान से भी जुड़े हैं। जेल में कई ऐसे तस्कर कैद हैं, जो पाकिस्तानी तस्करों के लिए काम करते रहे हैं। ऐसे में जेल में मोबाइल का लगातार मिलना खतरनाक माना जा रहा है।
जेल में मिला एक और मोबाइल
अमृतसर सेंट्रल जेल में विचाराधीन कैदी पंकज शर्मा उर्फ सोनू निवासी 611/ हवेली धन्ना सिंह चौक लक्ष्मण सिंह (अमृतसर) के पास से मोबाइल फोन बरामद किया गया है। फताहपुर पुलिस चौकी में एफआईआर नंबर 142 के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच अधिकारी एएसआई हरदीप सिंह कहते हैं कि आरोपी के खिलाफ जेल सुपरिंटेंडेंट के बयानों पर मामला दर्ज किया गया है। जेल में बंद आरोपी को अदालत के आदेशों के बाद पूछताछ के लिए लाया जाएगा।