2005 के बहुचर्चित हैरी वर्मा हत्याकांड के दोनों दोषियों को 25 अक्तूबर को सेंट्रल जेल पटियाला में फांसी दी जाएगी। दोनों दोषियों की रहम अपील राष्ट्रपति द्वारा रद्द कर दी गई है।
हैरी वर्मा के एडवोकेट मनिंदर पाल सिंह ने बताया कि फांसी देने के लिए पटियाला जेल अधिकारी इंतजाम करेंगे और दोनों दोषियों की मेडिकल जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि पंजाब में कोई भी जल्लाद नहीं है इसलिए दिल्ली की तिहाड़ जेल के जल्लाद कालू ही दोनों को फांसी देंगे। हैरी वर्मा के पिता रवि वर्मा और चाचा संजीव वर्मा ने कहा कि साढ़े 11 साल बाद उन्हें न्याय मिला है।
नशे का इंजेक्शन देकर मारा गया था।
14 फरवरी 2005 की सुबह नौवीं कक्षा के हैरी का कच्चा टोबा के पास से किडनैप हुआ था। तीन घंटे बाद अपहरणकर्ताओं ने परिजनों से 50 लाख रुपये मांगे। नशे के इंजेक्शन देकर हैरी की हत्या कर दी गई थी।
होशियारपुर की सेशन कोर्ट के सेशन जज जीके राय ने इस केस में विक्रम सिंह उर्फ विक्की, जसवीर सिंह उर्फ जस्सा और सोनिया को 21 दिसंबर 2006 को मौत की सजा सुनाई थी। इसके बाद हाई कोर्ट ने सोनिया की फांसी को ताउम्र कैद में बदल दिया गया।
बाकी दोनों दोषियों की फांसी की सजा को सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था। 25 सितंबर 2012 को जारी किए गए डेथ वारंट में दोनों को पांच अक्टूबर 2012 को फांसी देने के आदेश दिए गए थे। इस पर दोषियों की तरफ से एक पटीशन दायर की गई, जिससे फांसी से दो दिन पहले उस पर रोक लग गई थी।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की तरफ से 11 अक्तूबर 2012 को दोषियों की फांसी पर रोक लगा दी गई थी। दोषियों ने 2013 में राष्ट्रपति और पंजाब के राज्यपाल से रहम की अपील की थी। दोनों की तरफ से इसे रद्द कर दिया गया था। जनवरी 2016 में इन्होंने राष्ट्रपति के पास फिर से दया याचिका दी थी जो सितंबर में खारिज कर दी गई। विक्की हैरी के पिता का दोस्त था जबकि उसकी पत्नी सोनिया बच्चे की टीचर थी।