खडूर साहिब से जनरल जेजे सिंह का नाम वापस नहीं लेगी शिअद (ट)
पार्टी प्रधान ने पंजाबी एकता पार्टी के कनवीनर को दी सलाह, बीबी खालड़ा को राज्यसभा भेजें
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। खडूर साहिब से पंजाबी एकता पार्टी की उम्मीदवार बीबी परमजीत कौर खालड़ा के पक्ष में शिअद (ट) अपने प्रत्याशी जरनल जेजे सिंह का नाम वापस नहीं लेगा। यह बात पार्टी प्रधान जत्थेदार रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा ने अपने निवास स्थान पर पत्रकारों से बातचीत में कही। जब्रह्मपुरा ने बीबी परमजीत कौर को सलाह दी की उनके परिवार की कुर्बानी बड़ी है। वह लोकसभा का चुनाव न लड़ें। पंजाबी एकता पार्टी को चाहिए कि बीबी खालड़ा को राज्यसभा का सांसद बनाए। शिअद (ट) बीबी खालड़ा के परिवार की कुर्बानी को देखते हुए उनका सम्मान करता है। ब्रह्मपुरा ने कहा कि लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले पंजाबी एकता पार्टी के प्रधान सुखपाल खैरा के साथ उनकी आठ बैठकें हुईं। खैरा ने कभी भी खडूर साहिब हलके से बीबी खालड़ा की उम्मीदवारी का जिक्र नहीं किया। अब शिअद (ट) के उम्मीदवारों का चुनाव प्रचार तेज गति से चल रहा है। उन्होंने एक जवाब में कहा कि एचएस फूलका की ओर से प्रदेश में राजनीतिक गठजोड़ की कोशिशों का उनका दल स्वागत करता है। कुछ दिन पहले सुखपाल खैरा ने शिअद (ट) के नेताओं से अपील की थी कि वह बीबी खालड़ा के पक्ष में जरनल जेजे सिंह को चुनाव मैदान हटा दें।
जथेदार ब्रह्मपुरा ने स्वीकार किया कि श्री आनंदपुर साहिब की सीट पर पेच फंसने के कारण लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी से गठजोड़ की संभावना टूटी थी। शिअद (ट) श्री आनंदपुर साहिब में अपना उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारना चाहती थी, जबकि आम आदमी पार्टी ने अपने उमीदवार की पहले से ही घोषणा की हुई थी। आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना था कि श्री आनंदपुर साहिब का उनका उम्मीदवार आप का फायनेंसर है।
शिअद (ट) एकजुट, नेताओं के बीच कोई मतभेद नहीं :सेखवां
पार्टी के वरिष्ठ नेता सेवा सिंह सेखवां ने कहा कि उनका दल एकजुट है। खडूर साहिब हलके को लेकर पार्टी के नेताओं के बीच अलग-अलग विचार थे। पार्टी की कोर कमेटी ने अब जरनल जेजे सिंह के पक्ष में निर्णय लिया है। मीडिया में उनके व ब्रह्मपुरा के बीच मतभेदों की अटकलों में कहीं कोई भी सचाई नहीं है। पार्टी का गठन श्री अकाल तख्त साहिब में अरदास करने के बाद हुआ है, इसलिए जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए शिअद (ट) का गठन हुआ है, उससे मुंह नहीं मोड़ा जा सकता।
बादल को कहा था खुद संभालें दल की कमान
जत्थेदार ब्रह्मपुरा व सेखवां ने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव में अकाली दल को मिली करारी हार के बाद उन्होंने शिअद की पहली कोर कमेटी की बैठक में प्रकाश सिंह बादल से कहा था कि सुखबीर बादल चुनावों में फैल हो गए हैं। सुखबीर बादल व बिक्रम मजीठिया को शिअद से निकलकर बादल को स्वयं अकाली दल की बागडोर संभालनी चाहिए। तब बादल ने हाथ जोर कर कहा था कि उनकी उम्र व सेहत अब इस जिम्मेदारी को निभाने की आज्ञा नहीं देती। लेकिन बादल ने जब देखा की पुत्र की राजनीती की नाव डूब रही है तो उसी उम्र व सेहत में अपने दल के लिए कई रैलियां की।