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एकटिव केस फार्इंडिंग मेडीकल मोबाइल बैन को सिविल सर्जन ने हरी झंडी देकर किया रवाना

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जिले में टीबी मरीजों को ढूंढेगी मोबाइल वैन
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सिविल सर्जन ने झंडी देकर किया रवाना, 2 जून तक चलेगा अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। स्वास्थ्य व परिवार भलाई विभाग पंजाब के आरएनटीसीपी कार्यक्रम के तहत जिला में टीबी मरीजों को ढूंढने के लिए स्टेट से आई मेडीकल मोबाइल वैन को सिविल सर्जन डॉ. नैना सलाथीआ ने झंडी देकर सिविल अस्पताल पठानकोट से रवाना किया। टीबी के एक्टिव केस ढूंढने के लिए यह वैन 2 जून तक जिले में रहेगी।
सिविल सर्जन ने बताया इस वैन में कैबनेट मशीन के अतिरिक्त एसी, जेन सेट, फ्रिज, यूपीएस और प्रिंटर भी है। उन्होंने बताया कि यह वैन सोमवार को सब जेल पठानकोट, सीडी ढागू रोड पठानकोट, 29 मई को मिनी पीएससी दुनेरा, 30 मई को आरएसडी अस्पताल जुगिआल, 31 मई को सीएचसी नरोट जैमल सिंह, 1 जून को पीएससी कथलौर और 2 जून को सीएचसी घरोटा में जाएगी। इस वैन में एलटी, एसटी होंगे, जो हर टेस्ट की रिपोर्ट जिला टीबी अधिकारी की देखरेख में रजिस्टर पर दर्ज करेंगे। जिला टीबी अधिकारी डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध डाटस कोर्स से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। टीबी जांच और इलाज अस्पतालों में निशुल्क किया जाता है।
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उन्होंने बताया कि डाटस का उपचार शुरू करते हुए टीबी के इंफेक्शन की संभावना कम हो जाती है। कोर्स को बीच में छोड़ने से टीबी फिर हो सकती है। उन्होंने बताया कि दो सप्ताह से अधिक खांसी, थोड़ा -थोड़ा बुखार, भार कम होना, भूख न लगना आदि टीबी के लक्षण हैं। परिवार के किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक तक खांसी होती है तो उसे सेहत केंद्र में चेक करवाएं। इस मौके पर जिला परिवार भलाई अधिकारी डॉ. राकेश सरपाल, डॉ. सुनीता शर्मा, डॉ. अमन, एलटी संजीव कुमार, सुरिंद्र पाल, बलवंत सिंह, जतिन कुमार मौजूद थे।
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