कांग्रेसियों की धक्केशाही के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे: कालिया
पूर्व कैबिनेट मंत्री ने पंचायत समिति चुनाव में कांग्रेस पर लगाए धांधली के आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। भाजपा के पूर्व केबिनेट मंत्री मनोरंजन कालिया सोमवार को कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की प्राइमरी ड्यूटी देश के संविधान और जम्हूरियत की रखवाली करना होता है। पठानकोट में जिला परिषद और ब्लाक समिति चुनाव में कांग्रेसियों और अफसरों ने मिलकर लोकतंत्र की हत्या की। भाजपा के पास केवल लीगल कार्रवाई का ही विकल्प बचा है। कालिया जिला भाजपा नेताओं के साथ की गई पत्रकारों से वार्ता के कर रहे थे।
मेयर अनिल वासुदेवा, जिलाध्यक्ष अनिल रामपाल, पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा और पूर्व डिप्टी स्पीकर पंजाब दिनेश सिंह की मौजूदगी में कालिया ने कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस और धांधली में साथ देने वाले अधिकारियों से हाईकोर्ट में जवाब मांगेगी। बताया कि भाजपा के विनर डिक्लेयर प्रत्याशियों को डिफीट कंडीडेट घोषित किया गया, जिसके प्रमाण उनके पास हैं, धारकलां के रिटर्निंग अफसर नेा करोली, पंगूड़ी और दुनेरा से भाजपा प्रत्याशी को विजेता घोषित किया और लिस्ट प्रिंट आउट के लिए भेजी। इसके अलावा मतगणना केन्द्र के बाहर डिस्प्ले भी किया। कांग्रेसियों की दखल अंदाजी के बाद विजेता प्रत्याशियों को सर्टिफिकेट नहीं दिए और कांग्रेस के हारे प्रत्याशियों को विजेता घोषित कर दिया गया।
धारकलां जोन में 10 ब्लाक समिति सीटें जीतने का दावा
कालिया ने दावा किया कि धारकलां में भाजपा ने 10 और कांग्रेस ने केवल 5 ब्लॉक समिति सीटों पर जीत हासिल की है। इसकी पुष्टि कांग्रेसियों के दबाव से पहले अफसरों की ओर से जारी सरकारी लिस्टों पर दर्ज है। उसके बाद कांग्रेसियों ने धांधली कर करोली, दुनेरा और पंगूड़ी में अपने हारे प्रत्याशियों को जिताया। इसी तरह घरोटा में भाजपा प्रत्याशी को हराने के लिए 680 वोट और धार के 2 नंबर जोन में 1 हजार वोट कैंसल किए गए। भोआ के अंतोर में भी जीते प्रत्याशी कुलदीप राज को पहले जीता घोषित किया, बाद में चंद वोटों से हरा दिया। कालिया ने कहा कि हमारे पास कांग्रेसियों और अधिकारियों की मिलीभगत के पुख्ता सुबूत हैं। हम हाईकोर्ट जाएंगे। वहीं मांग की जाएगी कि अगली बार से पंचायत समितियों के चुनाव भी ईवीएम से कराए जाएं। अफसरों के खिलाफ चुनाव आयोग को भी शिकायत की जाएगी।