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दलित वर्ग की तरफ से दी गई बंद की काल का दीनानगर में कोई असर नहीं

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दीनानगर में पुलिस ने टाला टकराव
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भारत बंद के दौरान दोनो वर्ग आमने-सामने डटे
अमर उजाला ब्यूरो
दीनानगर (गुरदासपुर)।
सुप्रीमकोर्ट के फैसले के विरोध में सोमवार को दलित संगठनों बंद बेअसर रहा। शहर की दुकानें आम दिनों की तरह खुली रहीं। वहीं जीटी रोड पर बंद समर्थक और विरोधी आमने-सामने हो गए। इससे टकराव के हालात पैदा हो गए। पुलिस ने सूझबूझ से दोनों पक्षो के बीच टकराव टाल दिया।
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प्रदर्शनकारियों ने दुकानें बंद करवाने के लिए शहर के बाजारों में दाखिल होना चाहा। पुलिस ने शहर में दाखिल होने वाले सभी रास्ते पूरी तरह से सील कर रखे थे। जब दुकानदारों को पता चला कि प्रदर्शनकारी हमारी दुकाने बंद करवाना चाहतें है तो वह खुद अपनी दुकाने बंद करके उनके विरोध में उनके सामने शिवाला मंदिर के समीप आ डटे। इससे प्रदशर्नकारियों और दुकानदारों के बीच टकराव के हालात बन गए। अधिकारियों ने सूझबूझ से बनी स्थिति को सुलझा लिया। प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने शहर के अन्दर दाखिल नहीं होने दिया। इस पर प्रदर्शनकारी जीटी रोड पर ही बैठकर नारेबाजी कर लगे। दोनों तरफ से नारेबाजी शुरू हो गई। प्रदर्शनकारी शहरमें दाखिल होने की जिद्द पर अड़े हुए थे। दूसरी तरफ पिंदरपाल सिंह राजू, डिंपल खजूरीया के नेतृत्व में दुकानदार प्रदर्शनकारियों को शहर के अंदर दाखिल नहीं होने देने कि जिद्द पर अड़े हुए थे। इस दौरान पुलिस कर्मचारियों तथा प्रदर्शनकारियों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। अंत में दुकानदारों ने 10 प्रदर्शनकारियों को बाहरले बाजार से दाखिल होकर शहर में रोष मार्च करने की इजाजत दे दी। पुलिस की निगरानी में रोष मार्च करवाया गया। शहर के मेन बाजारों में इन 10 प्रदर्शनकारियों को भी दाखिल होने की इजाजत नहीं दी गई। इसके बाद तनाव समाप्त हो गया और प्रदर्शनकारी व दुकानदार अपने घरों को चले गए।
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