स्पेशल बुकिंग से हिमाचल में दौड़ेगा बूढ़ा स्टीम इंजन
फाइनल ट्रायल पास होने के बाद जल्द ही स्पेशल बुकिंग शुरू करेगा विभाग
जितेंद्र शर्मा
पठानकोट।
वर्ष 1977 के बाद से प्रचलन से बाहर हो चुके स्टीम इंजन को दोबारा चलाने का रेलवे किा सपना जल्द पूरा होने वाला है। पठानकोट में कई बार ट्रायल में फेल हो चुके स्टीम इंजन काफी देर अंडर रिपेयरिंग रहने के बाद हिमाचल प्रदेश में लिए गए ट्रॉयल को पास कर लिया है। अब जल्द ही यह स्टीम इंजन टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य के साथ स्पेशल बुकिंग सेचलेगा। इसके लिए स्पेशल बुकिंग जल्द ही शुरू की जाएगी।
दरअसल रेलवे ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक पुराने स्टीम इंजन को दोबारा चलाने की योजना बनाई है। 1977 में डीजल इंजन आने के बाद प्रचलन से बाहर हुए एक पुराने स्टीम इंजन को रेलवे विभाग ने साल 2016 में करीब तीन बार स्टीम इंजन का ट्रायल पठानकोट में लिया था। तीनों बार यह इंजन फेल हो गया था। इसके बाद भी रेलवे इंजीनियरों ने हिम्मत नहीं हारी और इंजन को ठीक करने में जुटे रहे। इसके बाद अब हाल ही में हिमाचल में लिये ट्रायल में यह इंजन पास हो गया है।
रेलवे ने सबसे पहले मार्च 2016 में इंजन का ट्रायल लिया था। इसके इंजन फेल हो गया। इसके बाद रेलवे ने इंजन को नवंबर 2016 में ट्रैक पर चढ़ाया था। स्टेशन से दो बोगियां लेकर निकला बूढ़ा स्टीम इंजन करीब डेढ़ सौ मीटर चलते हुए एक रेलवे फाटक क्रॉस करते ही जाम हो गया था। इसके कारण रेलवे फाटक काफी देर तक बंद रहने से लोग फाटक पर जाम में फंस गए थे। कई ट्रेनें भीलेट हो गईं थीं। इस तरह से रेलवे का यह स्टीम इंजन का ट्रायल न सिर्फ फेल साबित हुआ था बल्कि विभाग के साथ-साथ लोगों के लिए भी मुसीबत बन गया था। इसके बाद किसी तरह इंजन को लोको शेड में वापस भेज दिया गया था। इसके बाद रेलवे ने नवंबर में ही एक और ट्रायल लिया था। वह भी फेल हो गया था। अब काफी देर रिपेयरिंग करने के बाद रेलवे ने हिमाचल में इसका ट्रायल लिया, जो सफल रहा। अब रेलवे इसे स्पेशल बुकिंग के माध्यम से चलाएगी।
रेलवे के सहायक मंडल मेकेनिकल इंजीनियर जतिंदर ने बताया कि स्टीम इंजन का ट्रायल हिमाचल में पास हो चुका है। जल्द ही इसके लिए स्पेशल बुकिंग शुरू की जाएगी। स्पेशल बुकिंग होने के बाद इस इंजन को पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलवे ट्रैक पर चलाया जाएगा।