कई आजाद पार्षद थाम सकते हैं कांग्रेस का हाथ
टिकट बंटवारे में हुई गलती से आजाद उम्मीदवार भाजपा-अकाली से ज्यादा
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
नगर निगम के 85 वार्डों के चुनावों में कांग्रेस 64, शिअद 7, भाजपा 6 और आजाद उम्मीदवार आठ जीते। यानि की भाजपा-शिअद के प्रत्याशियों से आजाद जीतने वालों की गिनती ज्यादा है। वैसे तो कांग्रेस पूर्ण बहुमत में है लेकिन आजाद पार्षद कांग्रेस का हाथ थाम सकते हैं। आजाद आठ उम्मीदवारों के जीतने के पीछे सत्ता पक्ष कांग्रेस की टिकट बंटवारे में हुई गड़बड़ी लोग मुख्य मान रहे हैं।
वार्ड नंबर दो से आजाद प्रत्याशी सुरिंदर चौधरी के सामने कांग्रेस के डिपंल पंडित थे, जबकि कांग्रेस से ही जुड़े राजिंदर कैप्टन भी चुनावी मैदान में थे। तिकड़ी से राजकुमार जौली (पूर्व पार्षद) थे। चुनावी लड़ाई कांग्रेस के साथ थी। वार्ड में तीन उम्मीदवार कांग्रेसी परिवार के होने के वजह से चुनाव में पूर्व पार्षद (दस साल पहले) रहे सुरिंदर चौधरी जीत गए। वार्ड नंबर दो में कांग्रेस प्रत्याशी डिपंल पंडित तीसरे स्थान पर रहे।
इसी तरह वार्ड नंबर 54 में पूर्व पार्षद अविनाश जौली ने अकाली दल से पिछला चुनाव जीता था।इस बार सीट भाजपा के कोटे में गई। कांग्रेस ने इलाके में पहली बार विकास मिश्रा को टिकट देकर चुनावी मैदान में उतारा। विकास मिश्रा की टिकट कांग्रेस के नेता पप्पू कौंसलर ने दिलाई। इलाके में कांग्रेस के दावेदार पूर्व पार्षद कैलाश शर्मा प्रबल उम्मीदवार थे। कांग्रेस ने टिकट विकास मिश्रा को दी तो आजाद उम्मीदवार अविनाश जौली ने करीब 1200 वोटों से जीत हासिल कर ली।
वार्ड नंबर 70 में अकाली-भाजपा आपस में चुनावी मैदान में उलझी तो उसका फायदा कांग्रेस के विकास सोनी को मिला। विकास सोनी विजयी हुई और भाजपा के हीरा लाल दिग्पाल हारे। इस सीट पर शिअद ने भी अपना उम्मीदवार खड़ा किया था। वार्ड नंबर 57 से गुरप्रीत कौर आजाद जीती। उन्होंने कांग्रेस ही नहीं बल्कि भाजपा व अकालीउम्मीदवार को पटखनी दी। वार्ड नंबर 15 से आजाद जीती पिंकी देवी कहती हैं कि मेरी जीत जनता की जीत है। मैं सच्चे दिल से लोगों की सेवा करने के लिए राजनीति में आई हूं।