जलियांवाला बाग के विकास का ब्लू प्रिंट तैयार
सांस्कृतिक मंत्री महेश शर्मा के अध्यक्षता में दिल्ली में हुई ट्रस्टियों की बैठक
लाइट एंड साउंड से जलियांवाला बाग नरसंहार के बारे दी जाएगी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। शहीदों की धरती जलियांवाला बाग के विकास का ब्लू प्रिंट तैयार हो गया है । केंद्र सरकार की ओर से जलियांवाला बाग के विकास के लिए गठित कमेटी की बैठक सांस्कृतिक मंत्री महेश शर्मा के अध्यक्षता में हुई। बैठक में विकास योजनाओं को मंजूरी दी गई है।
जलियाँवाला बाग ट्रस्ट के सदस्य सांसद श्वेत मालिक ने अमर उजाला को बताया की बैठक में ट्रस्टी तरलोचन सिंह( पूर्व सांसद), उषा शर्मा डायरेक्टर (जनरल पुरातत्व विभाग), जुल्फकार अली( क्षेत्रीय प्रमुख पुरातत्व विभाग) और अन्य पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। आर्किटैक्ट वंदना राज ने विकास से संबंधित दस्तावेज पेश किए। मलिक ने बताया कि जलियांवाला बाग में आने वाले सैलानियों को इसके इतिहास से रूबरू कराने के लिए अंग्रेजी, हिंदी, पंजाबी में 15 मिनट का लाइट एंड साउंड प्रोग्राम शुरू कराया जाएगा। सैलानियों के लिए वातानुकूलित विजिटर गैलरी भी बनाई जाएगी। इसमें शहीदों के चित्र लगे होंगे। शहीदी कुआं, गोलियों के निशान व अन्य स्थलों को भी संरक्षित किया जाएगा। बाग में एक थ्री-डी थियेटर भी बनाया जायेगा, जिसमें 10 मिनट की दस्तावेजी फिल्म भी दिखाई जाएगी। इस फिल्म जलियांवाला बाग नरसंहार के बारे में जानकारी देगी।
अमर जवान ज्योति पर रोजाना होगी सलामी परेड
बाग में स्थित अमर जवान ज्योति के आसपास के स्थल का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। यहां रोजाना शहीदों को नमन करने के लिए भारत-पाक सीमा पर होने वाली रिट्रीट सेरेमनी की तरह सलामी परेड का आयोजन किया जाएगा। बाग में लाइटनिंग, फव्वारे, पौधरोपण और अन्य विकासकार्य करवाए जाएंगे। मलिक ने बताया शहीदों की 100वीं वर्षगांठ पर पूरे देश में कवि सम्मेलन, भाषण प्रतियोगिता आदि का आयोजन किया जाएगा और शहीदों को श्रद्धांजलियां दी जाएंगी। शहीदों की याद ताजा रखने के लि सिक्का, डाक टिकट भी जारी की जाएगी।
सैलानियों के लिए रात नौ बजे तक रहेगा खुलेगा बाग
जलियांवाला बाद देखने आने वाले सैलानियों को सूर्य ढलने के बाद भीतर जाने की आज्ञा नहीं है। इससे अक्सर देश के कोने कोने से आने वाले लोगों को निराशा होती है। अब सैलानियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बाग खुलने का समय रात 9 बजे तक कर दिया जाएगा, ताकि किसी भी सैलानी के मन को ठेस न पहुंचे और वह अपने देश के इस स्वर्णिम इतिहास को जाने बिना मायूस न लौटे।
कांग्रेस के ट्रस्टियों ने नहीं किया विकास : मालिक
मलिक ने कहा कि केंद्र में कांग्रेस सरकार के समय इस एतिहासिक स्थल को नजरअंदाज किया जाता रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जलियांवाला बाग के पहले ट्रस्टी भी थे। देश की आजादी से लेकर 70 साल तक चली कांग्रेस सरकार में लम्बे समय से बाग की स्थिति बहुत दयनीय बनी हुई थी। करीब दो महीने पहले वह इसके ट्रस्टी बनाए गए थे। ट्रस्ट की तेजी से चली करवाई के चलते बाग के विकास कार्य मंजूर हो सके। उनका पहला लक्ष्य है कि यहां आने वाले सैलानियों को हर सुविधा मिले और वह पूरी श्रद्धा, समर्पण से शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें।