श्री गुरु नानक देव की शिक्षा व धार्मिक मर्यादा को भूले राजनेता
धार्मिक कार्यक्रम में हावी रही राजनीति, उप राष्ट्रपति की मौजूदगी में लगे मुर्दाबाद के नारे
बादल परिवार के साथ मंच सांझा करने से कतराते रहे मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा
पावन अवसर पर अलग थलग, बेहद उदास तथा उखड़े उखड़े दिखाई दिए सुखबीर बादल
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर/बटाला। श्री गुरु नानक देव जी की ओर से दी गई शिक्षाओं तथा मर्यादाओं को राजनेता भूल गए और उन्हीं को समर्पित कार्यक्रम को राजनीति का अखाड़ा बना दिया। इस धार्मिक कार्यक्रम में राजनिति पूरी तरह हावी रही और उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू की मौजूदगी में कांग्रेसियों और अकालियों एक सियासी ड्रामा पेश कर एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। यह सब करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास के लिए हलका डेरा बाबा नानक के गांव मान में रखे कार्यक्रम के दौरान हुआ।
सबसे पहले हलका विधायक सुखजिंदर सिंह रंधावा के भाषण के बाद केंद्रीय मंत्री ज्यों ही भाषण देने के लिए आई तो पंडाल में मौजूद पहली पंक्ति से लोगों ने सुखबीर बादल, हरसिमरत बादल तथा परिवार के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया। हद तो तब हो गई जब विधायक बिक्रमजीत सिंह मजीठिया, जिला अध्यक्ष गुरबचन सिंह बब्बेहाली, जागीर कौर सहित अन्य नेता आकर उसी स्थान पर बैठ गए, जिससे पुलिस की भी सांसे फूल गईं। उप राष्ट्रपति के बाद पंजाब प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ के भाषण की बारी आने पर मजीठिया समेत अकालियों ने सुनील जाखड़ तथा सुखजिंदर रंधावा के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
कार्यक्रम को बेशक सर्व धर्म तथा एकजुट होने की बात कही गई लेकिन दिल से कोई भी नेता एकजुटता की मिसाल नहीं दे पाए। हलका विधायक रंधावा ने भी कोई कसर नही दिखाई और हरसिमरत तथा सुख बीर बादल से मंच साझा करने से कतराते रहे। वहीं सुखबीर बादल भी इस पावन अवसर पर बेहद अलग थलग, उदास तथा उखड़े उखड़े दिखाई दिए। जिसका कारण ज्यादातर काग्रेंस मं त्रियों की ओर से उनको भाव न देना था।
26जीडीआर1- सुनील जाखड़ तथा सुखजिंदर रंधावा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मजीठिया।
26जीडीआर2- सीट होने के बावजूद सीट पर अलग बैठे सुखजिंदर रंधावा