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पंजाब रोडवेज कर्मियों ने रोष रैली करके निकाली भड़ास

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सरकार पर बरसे रोडवेज मुलाजिम
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गेट रैली में सरकार विरोधी नारेबाजी कर निकाली भड़ास
मानी हुई मांगों को भी लागू नहीं करने का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
बटाला। पंजाब रोडवेज, पनबस कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन के कर्मचारियों ने मांगों को लेकर सोमवार को गेट रैली की। कर्मचारियों ने मानीं गई मांगों को लागू न करने आरोप लगाया। साथ ही सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर भड़ास निकाली।
राज्य जनरल सचिव बलजीत सिंह गिल ने बताया कि पनबस कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन ने मांगों को लेकर 22 मई को ट्रांसपोर्ट मंत्री से मीटिंग की थी, जिसमें मंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि उनकी मांगें जायज हैं और शाहकोट उपचुनाव के बाद मांगें लागू कर दी जाएंगी। इस पर ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी ने भी सहमति प्रकट की थी और भरोसा दिया था। अभी तक उनकी मांगों को नहीं माना गया है, जिस कारण यूनियन सदस्यों में रोष पाया जा रहा है। गिल ने बताया कि 18 जून को प्रधान सेक्रेटरी और 18 डिपों की ओर से चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस की जाएगी और 21 जून को गेट रैली करके 25 जून को होने वाली एक दिवसीय हड़ताल करके पनबसों का चक्का जाम किया जाएगा। इसके बाद भी सरकार ने ध्यान न दिया तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। इसके अलावा बस स्टैंड भी बंद किया जाएगा। गेट रैली में प्रधान प्रदीप कुमार, चेयरमैन रजिंदर सिंह, सरप्रस्त रछपाल सिंह, उप प्रधान परमिंदर सिंह, जनरल सचिव जगदीप सिंह, कैशियर जगरुप सिंह गिल, नरिंदरपाल सिंह, गुरदेव सिंह, पवन कुमार, जगजीत सिंह, कमल सिंह, र्स्वण सिंह, जगप्रीत सिंह, सरुप सिंह, अवतार चंद, विजय, लवली, पम्मा, सलविंदर सिंह, गुरचरन सिंह, परमजीत सिंह, निशांत सिंह, समिंदर सिंह, प्यारा सिंह, दीपक कुमार मौजूद थे।
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यह हैं यूनियन की मांगें
यूनियन नेताओं ने मांगों के बारे में बताया कि पनबस में काम करते आउटसोर्स, कांट्रैक्ट वर्करों और रोडवेज तजुर्बे के आधार पर पक्का किया जाए, पंजाब रोडवेज पनबस में आउटसोर्स भर्ती पर पाबंदी लगाई जाए, काम कर रहे वर्करों को विभाग में मर्ज किया जाए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले बराबर काम बराबर वेतन लागू करके वेतन में बढ़ावा किया जाए, पनबस कीकर्ज पर पनबस स्टाफ को रोडवेज में मर्ज किया जाए, पंजाब रोडवेज पनबस की वर्कशापों को ठेके पर न किया जाए, टिकट की जिम्मेदारी बाहरी राज्यों के जैसे यात्रियों की ही की जाए, पंजाब रोडवेज वाले सारे कानून पनबस वर्करों पर लागू किए जाएं।
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