सूचना न दने पर बीडीपीओ के खिलाफ जमानती वारंट
आरटीआई कार्यकर्ता की शिकायत पर राज्य सूचना कमीशन ने की कार्रवाई
समन लेट मिलने की वजह से आयोग के आगे पेश नही हो सका: बीडीपीओ
अमर उजाला ब्यूरो
बटाला। राज्य सूचना कमीशन चंडीगढ़ की तरफ से आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना देने में अनदेखी करने और जवाब देने में ढील करने के कारण बीडीपीओ फतेहगढ़ चूड़ियां को जमानती वारंट जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 29 मई को होगी।
आरटीआई कार्यकर्ता सुखचैन सिंह निवासी फतेहगढ़ चूड़ियां ने मीडिया को बताया की 10 जुलाई 2017 को बीडीपीओ दफ़्तर फतेहगढ़ चूड़ियां में आवेदन किया था। इसमें में मौजूद कंडम हुई जीप, 2016-17 में किए गए फुटकर खर्चे, पंचायत की जमीन से आती आमदनी, आदि विभाग से रिकार्ड मांगा था। दफतर ने जवाब देने में ढील दी। इसके बाद 14 अगस्त 17 को जिला विकास व पंचायत अफसर को जानकारी न मिलने कारण दोबारा अपील डाली गई थी। विभाग की तरफ से फिर भी कोई जवाब नहीं दिया गया। उन्होने बताया कि इस के बाद उसकी तरफ से 9 अक्तूबर 17 को राज्य सूचना कमीशन चंडीगढ़ में केस दायर कर दिया गया, जिस की पहली सुनवाई 19 दिसंबर 17 को हुई। विभाग के पवन कुमार कमीशन दफ्तर में पेश हुए और सूचना देने के लिए उन्होने सहमति दी। इसके बाद भी कुछ न हुआ। इस पर राज्य सूचना कमिश्नर ने 3 अप्रैल 18 को बीडीपीओ फतेहगढ़ चूड़ियां गुरजीत सिंह चौहान को कारण बताओ नोटिस जारी करके बुलाया । बीडीपीओ राज्य सूचना कमीशन दफ़्तर चंडीगढ़ में पेश नहीं हुए। इस पर राज्य सूचना कमीशन की तरफ से बीडीपीओ के जमानती वारंट जारी कर दिए गए हैं। मामले अगली सुनवाई 29 मई18 को होगी। बीडीपीओ फतेहगढ़ चूड़ियां गुरजीत सिंह चौहान ने बताया कि उनको कमीशन से जमानती वारंट जारी हुए हैं। उन्होंने बताया कि समन देर से मिला। इसके चलते वजह से वह समय पर पेश नही हो सके। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उक्त लोगों को सूचना दे दी गई है। अब उनके कार्यालय के कर्मचारियों ने उक्त शिकायतकर्ता को काल करके पूछा है कि उनको जो सूचना दी गई है ,उसमें कौन सी कमी रह गई है। उन्होंने बताया कि 29 मई को कमीशन के आगे पेश होंगे । उन्होंने कहा कि जो सूचना उनके पास थी, वह दे चुकें हैं।