पुरुष के जीवन में औरत की अहमियत को दर्शाता है ‘सत बेगाने’
विश्व रंग दिवस को समर्पित थिएटर फेस्टिवल के तीसरे दिन नाटक का मंचन
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
विश्व रंग दिवस को समर्पित थिएटर फेस्टिवल के तीसरे दिन वीरवार शाम को आवाज रंगमंच टोली की ओर से अजमेर सिंह औलख लिखित एवं कंवल रंदेय निर्देशित नाटक ‘सत बेगाने’ का मंचन किया गया। इसकी कहानी में प्रमुख तौर पर पुरुष के जीवन में औरत की अहमियत को दर्शाया गया। साथ ही समाज में जातिवाद की समस्या, किसानी परिवार की आर्थिक और सामाजिक मुश्किलों को भी मंच पर उतारा गया। नाटक ‘सत बेगाने’ समाज के खिलाफ जाकर अंतर जाति विवाह करवाने वाले बच्चने और जय कौर के घर की कहानी है। शादी के कई साल बीत जाने के बाद भी समाज उनकी शादी को मान्यता नहीं देता और उनके चारों बेटों की शादी के लिए कोई अपनी बेटी का रिश्ता नहीं देता। नाटक समाज की सोच पर चोट कर गया कि कैसे समाज अंतर जाति शादी को मंजूर नहीं करता।
इस दौरान बतौर मुख्य मेहमान शामिल हुए वरिष्ठ नाटककार मुकेश कुंदरा ने नाटशाला के संस्थापक जतिंदर बराड़ और उनकी टीम को बधाई दी। नाट्यशाला के संस्थापक जतिंदर बराड़ ने कहा कि नाट्यशाला की रचना का मतलब ही थिएटर, कलाकारों को प्रोत्साहित करना है। इस दौरान सहायक निर्देशक नवनीत गुमानपुरा और संगीत गगन वडाली का था। कलाकारों में मनजिंदर मल्ली, डोली संदल, परगट सिंह, विशु, गुरकिरत संधू, बचनपाल, विकास सोनू, जसवंत मिंटू, साहिल, जसकरण, सुखमनी उप्पल, जसमेल सिंह, जपनूर, लवप्रीत और कर्मजीत संधू ने बखूबी भूमिका निभाई। शुक्रवार को थिएटर फेस्टिवल के चौथे दिन यंग मलंग थिएटर ग्रुप की ओर से साजन कपूर लिखित और निर्देशित नाटक टोटल स्यापा पेश किया जाएगा।