शमशान घाट में आग की चपेट में आकर जिंदा जला बाबा
अकेला और दिव्यांग होने के कारण खुद को नहीं सका बचा
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
शहर के पिपलां वाला मोहल्ला स्थित शमशान घाट में रह रहे बाबा की आग की चपेट में आने से मौत हो गई। बाबा दिव्यांग था और उसे कम दिखाई देता था।
मंगलवार की रात आग सेंकते हुए बाबा अचानक चपेट में आ गया। अकेला होने के कारण बाबा खुद को बचा न सका। बुधवार सुबह शमशान घाट में कुत्तों को मंडराते देखकर लोगों को शक हुआ। इस पर लोगों ने अंदर जाकर देखा तो घटना का पता चला।इसके बाद शमशान घाट कमेटी के सदस्यों ने बाबा का संस्कार कर दिया। मृतक बाबा की पहचान हरिदास के रूप में हुई है। पिछले लंबे समय से बाबा शमशानघाट में ही रह रहा था। पुलिस को शमशान घाट कमेटी के प्रधान बीडी शर्मा, एमसी जुगल किशोर, एमसी विभूति शर्मा, पूर्व एमसी अजय कुमार, बाल कृष्ण, रवि महाजन, कर्मजीत सिंह, हरभजन सिंह, बलदेव सिंह, रमेश, शिंगारा सिंह ने संयुक्त तौर पर बताया कि बाबा हरीदास के आगे पीछे कोई नहीं था, पिछले लंबे समय से वह इसी शमशान घाट में सेवा कर रहा था और यहीं रहता था। कमेटी सदस्यों ने कहा कि बाबा का शरीर लगभग पूरा जल चुका था, जिसके बाद उनका संस्कार कर दिया गया। वहीं इस संबंधी जब थाना डिवीजन नंबर 2 के प्रभारी रविंदर रूबी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पुलिस को सूचित किये बगैर शमशान घाट कमेटी ने बाबा का संस्कार कर दिया है, जिससे कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।