अमृतसर के अवैध होटल होंगे वैध
निगम ने 215 होटलों पर अवैध करार दिया था, हाईकोर्ट ने तीन साल पहले दिया था सील करने के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
लोह़ड़ी के दिन निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने अमृतसर के करीब 215 अवैध होटलों को वैध बनाने का फार्मूला दिया तो कारोबारियों के चेहरे पर मुस्कान आ गई। श्री दरबार साहिब के आसपास व अन्य करीब 215 होटलों के अवैध बताते हुए नगर निगम ने वर्ष 2013 में सूची जारी की थी, जिस पर 2015 में जनहित याचिका के बाद पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने होटलों को अवैध करार देते हुए सील करने के आदेश जारी किए थे। शनिवार को सिद्धू ने होटल कारोबारियों को बड़ी राहत देते हुए नगर निगम की ओर से वसूला जाने वाले टैक्स में भी 50 से 75 प्रतिशत कटौती करने का दावा करते हुए लोहड़ी पर बड़ा तोहफा दे दिया है।
सिद्धू ने वन टाइम सेटलमेंट नीति के तहत होटल व कामर्शियल भवनों को रेगूलाइजेशन फीस की आधी कर दी है। सिद्धू ने कंपोजीशन फीस में राहत प्रदान करते हुए 50 प्रतिशत कर दिया है। यही नहीं उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने पार्किंग व एडवरटाइजमेंट नीति को लेकर जल्द घोषणा करने जा रही है। उन्होंने श्री दरबार साहिब स्थित गलियारा के समीप इन होटलों व गेस्ट हाउस के मालिकों को लोहड़ी को तोहफा देते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी में पांच सौ गज से अधिक स्क्वायर फीट वाले होटल या कामर्शियल भवन के लिए 1500 रुपये की बजाए केवल 750 रुपये प्रति स्क्वायर फुट फीस ली जाएगी। इसी तरह 125 से लेकर 500 स्क्वायर फीट जगह के लिए फीस एक हजार से घटाकर 500 रुपयेप्रति स्क्वायर फीट कर दी गई है। गेस्ट हाउस लिए यही फीस 250 रुपये रखी गई है।
नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि गुरू नगरी में रोजाना एक लाख से अधिक पर्यटक आते हैं। ऐसे में उनके ठहरने के लिए होटल व गेस्ट हाउस होते हैं। अगर किसी होटल व गेस्ट हाउस में आग बुझाने के पुख्ता प्रबंध न हुए तो लाइसेंस कैंसल कर दिया जाएगा।