ब्लड बैंक में छापे पर खौला खून, बॉर ने सांसद का दिया साथ
डाक्टरों ने की हड़ताल, सांसद ने विजिलेंस को चिट्ठी भेज मांगी जांच
शहर के दो बड़े समुदाय डॉक्टर व वकील आमने-सामने, सांसद के साथ सियासत
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
गुरु नानक देव अस्पताल के ब्लड बैंक में सांसद गुरजीत सिंह औजला की औचक छापामारी के खिलाफ जहां डॉक्टरों ने मानसिक तौर पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए सांसद की इस छापामारी को गलत ठहराते हुए वीरवार को कामकाज ठप रखा। जिसके वजह से मरीजों को मुश्किलों के दौर से गुजरना पड़ा। हालांकि कुछ समय बाद डॉक्टर प्रिंसिपल एचएस सोहल के भरोसा के बाद काम पर लौटे। हालांकि इस दौरान इमरजेंसी शुरू थी।
उधर, सांसद गुरजीत सिंह औजला ने ब्लड बैंक में खून बेचने का आरोप लगाते हुए पंजाब विजिलेंस विभाग को चिट्ठी लिखी है कि सारे मामले की जांच करवाई जाए ताकि पता चले कि खून के आड़ में कौन-कौन से लोग गरीबों का खून चू रहे हैं। उन्होंने छापामारी के दौरान डॉक्टरों को खरी-खरी भी सुनाई थी।
डाक्टर वर्ग सांसद के ब्लड बैंक के छापामारी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। डॉक्टरों के पक्ष में सियासत भी है तो पैसा भी वहीं सांसद के पास सियासत का समर्थन भी है और मुद्दा हर खून से जुड़ा है। जहां डाक्टर की हड़ताल को लेकर मरीज की जान पर बनने के आसार दिखने लगे हैं वहीं सांसद ने इस मामले में जंग और तेज कर दी है।
अमृतसर बॉर एसोसिएशन ने सांसद गुरजीत सिंह औजला के समर्थन में आ गई है। वहीं सियासत खामोश है। सियासत से जुड़े बड़े चेहरे सांसद के खिलाफ कुछ बोलने से हिचकते हैं क्योंकि उन्होंने मुद्दा जनता से जुड़ा उठाया है और डाक्टरों के समर्थन में खुल के बोल नहीं सकते क्योंकि मामला लोकसभा में गूंजने वाला है।
सांसद में उठाऊंगा यह मुद्दा - सांसद
सांसद गुरजीत सिंह कहते हैं कि सांसद में यह मुद्दा उठाऊंगा, क्योंकि खून का यह कारोबार कई सालों से चल रहा है, अस्पताल के अंदर मेडिकल स्टोर की बंदरबांट करोड़ों में हुई है, तमाम सबूत हैं। स्वस्थ भारत, स्वच्छ भारत बनाने के लिए नारों की जरूरत नहीं मन की इच्छा होनी जरूरी है।