पंजाब के तरनतारन में कई शिक्षकों की नौकरी जा सकती है। विजिलेंस ब्यूरो ने जिले के सरकारी स्कूलों के कुछ शिक्षकों का फर्जीवाड़ा पकड़ा है। शिक्षकों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाई है। विजिलेंस की जांच में 16 शिक्षकों के दस्तावेज फर्जी मिले हैं। पुलिस ने इन सभी 16 शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज भी कर लिया है। ये सभी शिक्षक तरनातारन जिले के हैं।
तरनतारन में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शिक्षा विभाग में नौकरी पाने वाले 16 शिक्षकों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पंजाब सरकार की तरफ से वर्ष 2008-09 में 9998 टीचिंग फेलो की भर्ती की गई थी। भर्ती के समय उक्त लोगों ने अनुभव के फर्जी सर्टिफिकेट और रूरल एरिया के प्रमाण पत्र का उपयोग किया था। लंबी जांच और अदालती कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराने में सफल हुआ है।
सब डिवीजन तरनतारन सिटी के डीएसपी तरसेम मसीह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। इनमें घरियाला गांव की मोहनजीत कौर, जलालाबाद के नवतेज सिंह, मुंडापिंड गांव की राजविंदर कौर, खडूर साहिब की राजिंदर कौर, कस्बा झबाल की अश्विनी कुमारी और तरनतारन की परविंदर कौर, सुखदीप कौर, सरहदी गांव खालड़ा के शीतल कुमार, चरणजीत कौर, कुलदीप सिंह, प्रदीप सिंह, गुरप्रीत कौर, मुगलानी गांव की कुलदीप कौर, रमनदीप कौर, गांव छीना बिधिचंद के राम सिंह और तरनतारन के नूरदी बाजार की सुखजीत कौर का नाम शामिल है।
डीएसपी ने बताया कि उक्त लोगों के खिलाफ धारा 409, 420, 465, 467, 468, 471, 120, धारा 13(1)ए 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 बीबीएच दर्ज किया गया है। इन सभी को पकड़ने के लिए छापेमारी भी शुरू कर दी गई है।