संयुक्त राष्ट्र संघ ने गुरुनगरी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। संयुक्त राष्ट्र की एक उच्च स्तरीय टीम ने बुधवार को शहर के कई भीतरी इलाकों का दौरा किया। टीम सचखंड श्री हरिमंदर साहिब भी गई। लगभग चार घंटे तक शहर का दौरा करने के बाद टीम लीडर जियाफांग जाऊ ने कहा की संयुक्त राष्ट्र भारत में बढ़ रहे प्रदूषण से चिंतित है। भारत के तीन शहर वाराणसी व अमृतसर और गुरुग्राम को प्रदूषण मुक्त किया जाएगा।
टीम लीडर ने कहा की गुरुनगरी की हवा की गुणवत्ता के सुधार के लिए ट्रैफिक सुधार की जरूरत है। ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए गुरुनगरी की हर संभव मदद की जाएगी। पराली व इंडस्ट्री के धुएं से प्रदूषण बढ़ रहा है। गुरु नगरी में प्रतिदिन सवा लाख श्रद्धालु आते हैं, इसको लेकर कोई भी योजना नहीं बनाई गई है। ट्रैफिक के सुधार के लिए सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था की जरूरत है।
शहर के भीतर प्रवेश करने वाले लोग अपने वाहन बाहर खड़े कर सिटी ट्रांसपोर्ट का प्रयोग करें।
हवा प्रदूषण सेहत के साथ जुड़ा है। प्रदूषण मानवीय जीवन के लिए घातक है। पंजाब सरकार ने इस विषय पर क्या योजना तैयार की है, उसका अध्ययन करने के बाद उस में बदलाव कर लागू किया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र इसके लिए पंजाब सरकार की पूरी मदद करेगा। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के सदस्य कुरनेश गर्ग ने प्रदेश सरकार की ओर से प्रदूषण रोकने के लिए तैयार की गई योजना के बारे में जानकारी दी। गर्ग ने दावा किया की वर्ष 2017 व 2018 में गुरु नगरी की हवा के प्रदूषण में सुधार हुआ है।
डीसी शिवदुलार सिंह ढिल्लों ने कहा की विरासती शहर होने कारण सड़कें चौड़ी करना कठिन है। सड़कों पर लगने वाले जाम को कम कर हवा की गुणवत्ता को बेहतर किया जा सकता है। प्रदूषण बोर्ड के चीफ जीएस मजीठिया ने बताया की सचखंड श्री हरिमंदर साहिब का लंगर सीएनजी के साथ तैयार होना शुरू हो जाएगा। एसजीपीसी जनरेटर सेट को बंद कर देगी। श्री दरबार साहिब परिसर को निरंतर बिजली की सप्लाई करने के लिए एक नया सबस्टेशन स्थापित किया गया है।