‘विदेश मंत्री ने कही थी बेटे के बांग्लादेश में काम करने की बात’
दादी का लाडला था राकेश कुमार, घर पर छाया मातम
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की घोषणा के बाद इराक में कई सालों से लापता कादियां के मोहल्ला हरीजन के राकेश कुमार (21) के घर पर मातम छा गया। भाई दीपक और पिता मदन लाल ने बताया कि राकेश कुमार 2013 में इराक की कंपनी तारीक नूर अलहुदा कमटिन 22 में रोजगार के लिए गया था। 16 जून 2014 को उससे फोन पर अंतिम बार बात हुई। उसने हमें बताया था कि हमारी कंपनी पर आतंकवादियों का कब्जा हो चुका है। वह हमें यहां से कहां ले जा रहे हैं, कोई पता नहीं है। इसके बाद हमारी उससे बात नहीं हुई। इस घटना के बारे में हमने एक पत्र नायब तहसीलदार कादियां को दिया था। दादी भी अपने लाडले की तस्वीर लिए बहुत भावुक थी।
दीपक और मदन लाल ने बताया कि वह बीते कई सालों से विदेश मंत्रालय के चक्कर काटते रहे, लेकिन हमें सही सूचना मंत्रालय ने आज तक नहीं दी। जब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से लापता परिवार वाले मिले तो वह यही कहतीं कि आपके बेटे बांग्लादेश में कहीं काम कर रहे हैं, हम पता कर रहे हैं। आज जब सदन में उनसे पूछा गया तो कह रही है वह मर चुके हैं, यह हमारे साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा कि राकेश अब दुनिया में नहीं रहा, लेकिन हमारी खबर लेने कोई सरकारी अफसर नहीं आया है। पारिवारिक सदस्यों ने सरकार की कार्य प्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। परिवार ने केंद्र और पंजाब सरकार से मांग की है कि राकेश कुमार के बूढे़ हो चुके परिजनों को सहारा दिया जाए।
फोटो 20जीडीआर010, 011- राकेश कुमार का फाईल चित्र
20जीडीआर013- फोटो लेकर विलाप करते परिजन।