राम को मंदिर मिले, देश को राम राज्य: प्रवीण तोगड़िया
वीएचपी के नेता बोले, कैसी विडंबना है देश की, भगवान राम रह रहे हैं झोपड़ी में
कर्जमुक्त देश व भ्रष्टाचार मुक्त समाज ही राम राज्य
रमेश शुक्ला सफर
अमृतसर।
देश कर्ज और समाज भ्रष्टाचार मुक्त हो तभी राम राज्य की स्थापना हो सकती है। विश्व हिंदू परिषद ही नहीं देश की जनता राम के लिए अयोध्या में मंदिर मांग रही है और समाज के लिए राम राज्य। मैं चाहता हूं कि एक सप्ताह में ही राम मंदिर का काम शुरू हो जाए। कैसी विडंबना है कि राम जिन्हें हम भगवान मानते हैं वो झोपड़ पट्टी में रह रहे हैं। राम मंदिर बनना ही चाहिए, विश्व हिंदू परिषद जब तक राम मंदिर नहीं बन जाता, संघर्ष करती रहेगी। यह कहना है विश्व हिंदू परिषद के महासचिव डॉ. प्रवीण तोगड़िया का। वह मंगलवार को अमृतसर में विहिप के कार्यक्रम अन्नदान, महादान के तहत एक मुट्ठी अनाज कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे।
प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि देश में रोजाना 19 करोड़ लोग भूखे सो जाते हैं। यह कार्यक्रम उन लोगों के लिए है जिन्हें भरपेट खाना नहीं मिलता। एक मुट्ठी अनाज हर हिंदू के घर में रोज इकट्ठा किया जाएगा और हर एकादशी के दिन उसे गरीब परिवारों में बांट दिया जाएगा। हर हिंदू के घर में दस किलो की थैली दी जाएगी, जहां रोजाना एक मुट्ठी अनाज डाला जाएगा। हर एकादशी के दिन एक लाख अनाज की थैली एक लाख लोगों को बांटी जाएंगी।
17 वर्षों में 3 लाख किसानों ने की आत्महत्या
तोगड़िया ने कहा कि 17 वर्षों में तीन लाख किसानों ने देश में आत्महत्या की है। इनके पीछे सरकारें जिम्मेदार हैं। किसान खेती से पीछे हटने लगा है। उन्हें जो दाम मिलता है उससे उनकी लागत ही नहीं पूरी होती। खाद के दाम आसमां छू रहे हैं। किसानों पर दो लाख करोड़ का कर्ज है जबकि मुट्ठी भर (50) उद्योगपतियों को कितना फायदा मिल रहा है, यह सभी जानते हैं। आखिर एक देश में दो नीति क्यों है।
एक देश, एक जीएसटी, तो फसलों के दाम एक जैसे क्यों नहीं
विहिप नेता प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि अलीगढ़ में 50 किलो आलू मात्र 30 रुपये में बिक रहा है और मुंबई में 25 रुपये किलो आलू बिक रहा है। आखिर इतना फर्क क्यों। चाहे केंद्र सरकार हो या कैप्टन या फिर ममता दीदी की सरकार किसानों को सहूलियत मिलनी ही चाहिए। किसान अन्नदाता हैं और अन्नदाता खुशहाल नहीं है। सरकारों को इस बारे में सोचना चाहिए। मध्यप्रदेश में प्याज 2 रुपये किलो खरीददार नहीं मिलता, लेकिन शहरों में प्याज के भाव 40 रुपये किलो बिक रहा है। आखिर एक देश में जीएसटी एक हो सकती है तो फसलों के दाम एक जैसे क्यों नहीं। हालात यह है कि ग्राहक लूटा जा रहा है और सरकारें केवल दिलासा दे रही हैं।
रामलला टाट में, सियासत ठाठ में
तोगड़िया से जब पूछा गया कि अयोध्या में राममंदिर के निर्माण के लिए घर-घर से ईंट मांगने वाले प्रवीण तोगड़िया व विनय कटियार जैसे हिंदू धर्म की आवाज बनने वाले 1992 के बाद धीरे-धीरे पीछे होने लगे, दो सीटों वाली भाजपा आज केंद्र सरकार व उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत से है। इस उन्होंने हंसते हुए कहा कि राजनीति में कभी नहीं था। मेरा केवल यही मकसद है कि राम को मंदिर मिले और देश को रामराज्य। तोगड़िया ने कहा कि जिस दिन राम ने चाहा मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर पर राजनीति वह नहीं करते। बस यही कहते हैं कि राम का मंदिर बनेगा और जल्द बनेगा, कल उन्होंने 2000 धर्म संसद में संतों को राम मंदिर को लेकर गोष्ठी की है, बस मंदिर बनने में ज्यादा अब देर नहीं होगी। राजनीति जो करे वो करे वह तो चाहते हैं कि प्रभु रामलला की मूर्तियां टाट से हटाकर भव्य मंदिर में स्थापित हों।