अध्यापकों ने रोष कर फूंका पुतला
गुरदासपुर।
कंप्यूटर अध्यापक यूनियन ने शहर में रोष मार्च कर हनुमान चौक पर प्रदेश सरकार का पुतला फूंककर नारेबाजी की।
अध्यापक नेताओं ने बताया कि कंप्यूटर अध्यापक 2005 में ठेके पर भर्ती थे। उन्होंने पहले छह साल ठेके पर बहुत कम वेतन में काम किया। जुलाई 2011 में अकाली भाजपा सरकार ने वोकेशनल मास्टर का ग्रेड देकर रेगुलर किया था। राज्यपाल पंजाब की मंजूरी से किए गए नोटिफिकेशन में लिखा गया कि कंप्यूटर अध्यापकों पर पंजाब सिविल सेवाओं के नियम लागू होंगे। अब सात साल की रेगुलर सेवा करने के बाद कंप्यूटर अध्यापकों को कहा जा रहा है कि तीन साल के लिए 10,300 पर आ जाए। इसी तरह एसएसए/रमसा अधीन ठेके पर दस साल से काम कर रहे अध्यापक जो कि 42 हजार वेतन ले रहे हैं को शिक्षा विभाग के नाम पर जबरन तीन साल के लिए 10,300 लेने के लिए कहा जा रहा है। सरकार यही नियम एसएसए के अधीन कार्यरत कार्यालय कर्मचारियों पर लगाने जा रही है। अध्यापक नेताओं ने कहा कि सरकार के इस मुलाजिम विरोधी फैसले से अध्यापक आत्महत्या करने के लिए मजबूर होंगे। अध्यापक नेताओं ने मांग की कि सरकार पूरे वेतन और भत्तों से अध्यापकों को शिक्षा विभाग में मर्ज करें और चुनाव के समय किया वादा पूरा करे। सरकार ने यह फैसला जबरन अध्यापकों पर लगाने का प्रयास किया तो संघर्ष तेज किया जाएगा। मौके पर गुरपिंदर सिंह गिल, परमिंदर सिंह, सोम सिंह, हरजिंदर सिंह, अनिल कुमार, गुरजीत सिंह, जसबीर सिंह, रमिंदर सिंह, सुभाष चंद्र, चरणजीत सिंह, सलविंदर कुमार, केवल कृष्ण, राजविंदर पन्नू, बंटी सिंह, नूतन कुमार, मनजीत सिंह उपस्थित थे।
11 जीडीआर4-शहर में रोष प्रदर्शन करते हुए अध्यापक ।
11जीडीआर5- स्थानीय हनुमान चौंक में पंजाब सरकार का पुतलाजलाते हुए अध्यापक ।