नाराज कर्मियों को निगम ने मनाया, यूनियन ने हड़ताल 10 तक टाली
आज शहर में आएगी केंद्र की टीम
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
मांगें पूरी न होने पर हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को नगर निगम ने मना लिया है। निगम कर्मचारी अब केंद्र सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण के खत्म होने तक बिना किसी अड़चन के काम करेंगे। स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 के लिए केंद्र सरकार की एक टीम बुधवार को शहर आ रही है। बिना सफाई कर्मियों के सहयोग के सर्वे में अच्छा प्रदर्शन कर पाना मुमकिन नहीं है।
बीते दिनों स्वच्छता सर्वेक्षण के मद्देनजर नगर निगम ने सफाई कर्मचारियों को दिन के साथ-साथ रात की ड्यूटी का जिम्मा भी सौंप दिया था। इसके बाद नगर निगम के समूह सफाई कर्मचारी भड़क उठे थे। कर्मचारियों ने यह कहकर काम रोक दिया था कि उनका वेतन और पीएफ भी उन्हें समय से नहीं मिल रहा। बावजूद इसके निगम ने उनपर काम का बोझ और भी बढ़ा दिया है। नाराज सफाई कर्मचारियों ने नाइट शिफ्ट का काम रोक दिया था। कर्मचारियों ने चेतावनी दी थी कि वह अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान ही हड़ताल कर देंगे लेकिन नगर निगम ने मंगलवार को गुपचुप बैठक कर उन्हें मना लिया। निगम का कहना है कि उनकी मांगें बुधवार को एक विशेष बैठक में सुनी जाएंगी और सरकार को भेजी जाएंगी। वहीं सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम की अपील के बाद 10 फरवरी तक बिना किसी अड़चन के काम करने की बात स्वीकार ली है। निगम कर्मियों का कहना है कि वह दस फरवरी तक काम करेंगे। फिर भी उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वह दस फरवरी के बाद हड़ताल करेंगे।
स्वच्छ भारत सफाई कर्मचारी यूनियन के चेयरमैन दीपक भट्टी ने बताया निगम से सहयोग मांगने पर सफाई कर्मचारियों ने शहर की सफाई को ध्यान में रखते हुए हड़ताल टाल दी है। यूनियन ने फैसला लिया है कि 10 फरवरी तक निर्विघ्न काम करेंगे। फिर भी मांगें हल न हुईं तो हड़ताल करेंगे।
मेयर अनिल वासुदेवा का कहना है कि स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छा रैंक पाने के लिए और शहर को और साफ करने के लिए सफाई कर्मियों के सहयोग की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए सफाई कर्मचारियों को मना लिया गया है। कर्मचारियों के साथ बुधवार को बैठक करके उनकी मांगें सुनी जाएंगी। इसके बाद उनकी मांगें सरकार को भेज दी जाएंगी।
फोटो -1- पठानकोट में नगर निगम द्वारा मनाये जाने के बाद काम पर लौटे सफाई कर्मचारी।
फोटो -1ए- पठानकोट नगर निगम के मेयर अनिल वासुदेवा।