घरोटा की 15 एकड़ जमीन नहर में समाई
गुलपुर चक्की नहर में क्षमता से अधिक पानी छोड़ने से हुई स्थिति
विधायक की किसानों ने डीसी को मांगपत्र सौंप की मुआवजा मांगा
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। पिछले 2 दिन की बरसात से आरएसडी झील से माधोपुर-ब्यास लिंक नहर की धीरा से निकलती गुलपुर चक्की नहर में क्षमता से अधिक पानी छोड़े जाने से घरोटा क्षेत्र के गांवों की लगभग 15 एकड़ कृषि योग्य जलमग्न गई। इसके विरोध में घरोटा क्षेत्र के किसानों का शिष्टमंडल विधायक जोगिन्द्र पाल के नेतृत्व में जिलाधीश रामवीर से मिला और उन्हें मांगपत्र सौंपा। शिष्टमंडल ने किसानों को मुआवजा देने की मांग की।
लोगों ने जिलाधीश का बताया कि नहर में क्षमता से ज्यादा पानी आ जाने से गांव नाला, छावला, नवां पिंड, मकीमपुर, पपियाल, फरीदानगर, घरोटा, पवार, डेयरीवाल गांवों के किसानों की लगभग 15 एकड़ जमीन जलमग्न गई। किसानों ने बताया कि यह नहर जिस जमीन से गुजरती है, वह किसानों की है। नहरी विभाग इस कच्ची नहर में क्षमता से ज्यादा पानी नहीं छोड़ सकता। 1987 में सिविल कोर्ट पठानकोट ने आदेश दिए थे कि विभाग इस नहर पर आटोमेटिक लोहे के गेट लगाकर सिर्फ बाढ़ की सूरत में ही पानी छोड़ सकता है।
विभाग कोर्ट के आदेशों की अनदेखी कर इस नहर में क्षमता से कई गुणा अधिक पानी छोड़ रहा है। जिसके चलते गांव छावला के किसान वरियाम सिंह की तीन एकड़ जमीन, कैप्टन रछपाल सिंह की दो एकड़, गुरदेव सिंह की डेढ एकड़, राजपाल सिंह ही छह कनाल, देवी सिंह की डेढ़ एकड़, स्वर्ण सिंह की छह कनाल, कर्ण सिंह की छह कनाल, रमेश चंद्र की पांच कनाल, गांव बगियाल के कुलवंत सिंह की छह कनाल, बूटा सिंह की एक एकड़ और धर्म सिंह की एक एकड़ उपजाऊ जमीन पानी की भेंट चढ़ चुकी है। । जिलाधीश ने विधायक व लोगों को आश्वासन दिया कि जरूरी कार्रवाई के लिए सरकार को लिखेंगे। इस मौके पर एसडीएम अमित महाजन, कैप्टन रछपाल सिंह, राजेन्द्र सिंह, अजमेर सिंह, अनिलशर्मा, बलकार सिंह, सोहन लाल, रणवीर सिंह, ओंकार सिंह व चुनी लाल मौजूद थे।