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कर्ज माफी शिअद को नहीं हो रही हजम :- जाखड़

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कर्ज माफी शिअद को नहीं हो रही हजम : जाखड़
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सांसद व कांग्रेस सूबा प्रधान जाखड़ ने शिअद से मांगा जवाब
कहा- सत्ता में रहते हुए शिअद ने क्यों नहीं किया कर्ज माफ
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष व हलका गुरदासपुर के सांसद सुनील जाखड़ ने शिरोमणि अकाली दल से सवाल किया है कि शिअद ने सत्ता में रहते हुए पंजाब के किसानों के कर्ज माफी के लिए क्या किया।
जाखड़ ने कहा कि अब अकाली दल के नेता राज्यपाल से मिलकर किसानों की ऋण माफी की बात कर रहे है,जबकि सत्ता में जब उनकी सरकार थी तो उन्होंने किसानों के लिए कुछ नही किया। जाखड़ ने अकाली नेताओं को सलाह दी कि वह राज्यपाल को मिलने की बजाए वह अपनी भाजपा नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार के पास जाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से किसानों के ऋण माफी केलिए मदद क्यों नही मांग लेते।
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जाखड़ ने अकाली दल के कार्यकाल के कहा कि बादल सरकार ने मार्च 2016 में पंजाब सेटलमेंट ऑफ एग्रीकल्चर इन्डैबटनैस बिल 2016 पास किया था। पर बिल पास करने के बाद उक्त सरकार पूरी तरह से हाथ पर हाथ रखकर बैठे रही तथा जिला एवं राज्य स्तर पर बनने वाले ऋण निपटारा ट्रिब्यूनलों के गठन के लिऐ कुछ नही किया। 6 माह बाद सितंबर 2016 में 22 में केवल 5 जिलो में जिला ट्रिब्यूनल के चेयरमैन बनाये जा सके। लेकिन न तो उस ट्रिब्यूनल को स्टाफ दिया गया और कोई अन्य प्रक्रि या आगे बढ़ सकी।
जाखड़ ने कहा कि पंजाब के सूझवान किसान अब अकाली दल की चाल को समझ चुके है तथा वह जानते है कि पंजाब सरकार उनकी आर्थिक तरक्की के बचन को पूरी तरह निभाएगी।
सांसद सुनील जाखड़ ने शिरोमणि अकाली दल द्वारा किसानों के ऋण माफी के नाम पर की जा ही राजनीति की निंदा करते हुए कहा कि यदि जरूरतमंद किसानों के ऋण माफ हो रहे है तो अकाली दल को इसमें क्या परेशानी है। उन्होंने कहा कि अब तक तो विरोधी पार्टी यह कह रही थी कि सरकार ऋण माफ नही कर रही तथा अब जब किसानों को ऋण माफ करने की प्रक्रिया आरंभ हो गई है तो अकाली दल को लगने लगा है कि उसके पास विरोध करने का अब कोई मुद्दा नहीं बचा है। जाखड़ ने कहा कि अकाली दल जोकि केन्द्र में सत्ताधारी एनडीए सरकार में हिस्सेदार भी है, को यह साफ करना चाहिए कि वह किसानों का ऋण माफ करना चाहते है या नहीं। जाखड़ ने कहा कि एक तरफ अकाली दल की गठजोड़ वाली केंद्र सरकार ने पिछले तीन वर्ष में किसान ऋण माफ हेतु एक पैसा नही खर्च किया। वहीं दूसरी तरफ पंजाब की कैप्टन सरकार ने ऋण माफी की प्रक्रिया आरंभ की है, जिससे किसान का माफ हो रहा ऋण अकाली दल को हजम नही हो रहा है।
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जाखड़ ने कहा कि बेअदबी की दुखदायी घटनाओं की जांच कमीशन द्वारा की जा रही है। उन्होंने जांच कमीशन की रिपोर्ट आने से पहले ही अकाली दल को पता नही किस बात का डर सता रहा है कि इसके नेता अब इस मामले की जांच सुप्रीमकोर्ट से करवाने की मांग कर रहे है। उन्होंने कहा कि अकाली दल के पास अब जब कोई मुद्दा नही बचा है तो वह अपनी साख बचाने हेतु न्यायापलिका पर भी सवाल उठाने जैसे कुछ प्रयास कर रहा है।
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