कटाव से आधा रह गया एयरपोर्ट रोड
पठानकोट। पठानकोट से हिमाचल प्रदेश जाने वाला एयरपोर्ट रोड भूमि कटाव से आधा बह गया है। इसके बावजूद यहां से बड़े वाहन भी गुजर रहे हैं। इससे बरसात के मौसम में किसी भी समय कोई हादसा हो सकता है। स्थिति गंभीर होती देख हिमाचल प्रदेश के पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने मौके का जायजा लिया है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति की रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी है। रोड की मरम्मत की योजना बनाई जा रही है। इस रोड का कुछ हिस्सा जिला पठानकोट यानि कि पंजाब के अधीन आता है और शेष हिस्सा हिमाचल प्रदेश में है।
स्थानीय निवासी किशन चंद, बनारसी दास, थुडू चंद, बलकार राम ने बताया कि उक्त मार्ग चक्की दरिया व दूसरी तरफ रावी नदी के साथ सटा हुआ है और उनके गांवों को जाने के लिए और कोई भी विकल्प नही होने चलते यही एकमात्र रास्ता है। एक तरफ दरिया और दूसरी तरफ नदी होने के कारण यहां भूमि कटाव होना स्वाभाविक है। कटाव को रोकने के लिए प्रशासन ने कोई भी प्रयास नहीं किए। नतीजतन यह रोड सिर्फ आधा ही रह गया है। रोड पूरी तरह से बह गया तो वह पंजाब से पूरी तरह से कट जाएंगे। उन्हें लंबे रूट से होते हुए पंजाब जाना पड़ेगा। बरसात के मौसम में चक्की दरिया में किसी भी समय उफान पर आ सकता है। ऐसे में इस रोड का पूरी तरह से बहना लगभग तय ही लग रहा है। प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
ये तीन गांव पंजाब से कटेंगे
इसी तरह एयरपोर्ट रोड का शेष हिस्सा भी बह गया तो हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित गांव माजरा, मैरा और सीरत पूरी तरह से पंजाब से कट जाएंगे। एयरपोर्ट रोड का विकल्प खत्म होने के बाद इन गांवों को पंजाब आने के लिए कोई दूसरा विकल्प ढूंढना पड़ेगा।
एयरपोर्ट इसी माह होना है शुरू
वहीं पंजाब सरकार पठानकोट एयरपोर्ट से हवाई सेवा इसी महीने शुरू करने की तैयारी में है। एयरपोर्ट रोड के आधे भाग के बह जाने से हवाई अड्डा शुरू करने में बाधा बन सकता है। एयरपोर्ट रोड में पिछले काफी समय से कटाव हो रहा है।
मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया गया है। मामले की सारी रिपोर्ट तैयार करके उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। सरकार की ओर से फंड जारी करते ही रोड का निर्माण करवाया जाएगा। -एमपी धीमान, एक्सईएन, पीडब्लूडी विभाग, हिमाचल प्रदेश