किसानों ने 6 घंटे जाम किया रेल ट्रैक और नेशनल हाईवे
6 ट्रेनें डायवर्ट, 2 रद्द, 20 से अधिक रहीं प्रभावित
शुगर मिलों से गन्ने की अदायगी न होने पर भड़के थे
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट/ होशियारपुर। इंडियन सूक्रोज लिमिटेड मुकेरियां, एबी रंधावा (दसूहा ) सहित सूबे भर की शुगर मिलों से गन्ने की अदायगी न होने से भड़के किसानों ने बुधवार को जालंधर-पठानकोट नेशनल हाईवे और दिल्ली-जम्मूतवी रेल सेक्शन पर स्थित भंगाला रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक धरना लगा दिया। पगड़ी संभाल जट्टा लहर के बैनर तले दोआबा संघर्ष कमेटी सहित कई किसान जत्थेबंदियों व संघर्ष कमेटियों के प्रदर्शन के चलते घंटों तक ट्रेनों के पहिये जाम रहे। वहीं राष्ट्रीय राज्य मार्ग पर यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सुबह करीब 11 बजे से लगे जाम को खुलवाने के लिए एसडीएम अनुपमा कलेर, एसएसपी जे एलनचेलियन 2 बजे प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे। अधिकारियों के समझाने पर भी बात नहीं बन पाई। स्थिति को भांपकर फिरोजपुर रेल डिवीजन ने पहले दिल्ली-कटरा-दिल्ली रूट की ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोका। मामला सुलझता न देख सभी ट्रेनों को वाया अमृतसर-जालंधर रवाना किया। इससे माता वैष्णो देवी जाने वाले और माता वैष्णो देवी से विभिन्न राज्यों को प्रस्थान करने वाले यात्रियों को स्टेशनों पर खड़े होकर घंटों ट्रैक के खुलने का इंतजार करना पड़ा।
स्टेशन अधीक्षक राज कुमार ने बताया कि इंदौर से कटड़ा जाने वाली मालवा सुपरफास्ट का रूट बदला गया। इस ट्रेन को अमृतसर के रास्ते भेजा गया। इसी प्रकार, जम्मूतवी से अहमदाबाद जाने वाली एक्सप्रेस को भी वाया अमृतसर के रास्ते भेजा गया। जालंधर से पठानकोट के रास्ते वेरका जाने वाली डीएमयू और वेरका से पठानकोट आने वाली डीएमयू को कैंसल कर दिया गया। कटड़ा से मुकेरियां होकर इंदौर जाने जाने वाली मालवा सुपरफास्ट, कटड़ा से मुंबई जाने वाली स्वराज एक्सप्रेस और गुवाहाटी से जम्मूतवी जाने वाली गोरखपुर एक्सप्रेस का भी मार्ग बदल दिया गया। इन ट्रेनों को वाया अमृतसर के रास्ते भेजा गया। साढ़े 4 बजे प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन देकर धरना उठाया। किसानों से कहा गया कि 17 सितंबर को पंजाब वित्त सचिव के साथ उनकी वार्ता कराई जाएगी। इस पर किसान नेताओं ने कहा कि 17 सितंबर दूर नहीं, उनकी मांगे न मानीं गई या टेबल टॉक न हुई तो प्रशासन और नेता लोग इससे भी उग्र प्रदर्शन को संभालने के लिए तैयार रहें।
किसानों की रणनीति से धरी रह गई पुलिस की तैयारी
रेलवे ट्रैक और राष्ट्रीय राज्य मार्ग पर धरने को लेकर शूगर मिल मुकेरियां के पास नेशनल हाईवे और रेलवे फाटक नंबर-6 के आस पास इलाके को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया। पुलिस मुस्तैदी को देखते हुए प्रदर्शनकारियों ने मुकेरियां की बजाए भंगाला बस स्टैंड पर जाम लगा दिया और पास ही रेलवे ट्रैक भी अवरुद्ध कर दिया। पुलिस ने जगह-जगह पर नाकेबंदी कर वाहनों को दूसरे रास्तों से निकाला।
आरपीएफ ने 157 लोगों के खिलाफ दर्ज किया केस
आरपीएफ पोस्ट कमांडर प्रांजल कुमार बोहड़ा ने बताया ट्रेन को रोकने के कारण पगड़ी संभाल जट्टा लहर के पदाधिकारियों को नामजद करते हुए 150 अज्ञात किसानों पर रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरपीएफ अधिकारियों का कहना है आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके नाम इसलिए उजागर नहीं किए जा रहे हैं।
शूगर मिलों पर किसानों का करोड़ों बकाया: काकी
पगड़ी संभाल जट्टा जत्थेबंदी के स्टेट कनवीनर कंवलप्रीत काकी ने कहा कि वह भी नहीं चाहते कि जनता परेशान हो। सरकार को जगाने के लिए मजबूरन उन्हें सड़कों व रेलवे ट्रैक पर बैठना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शूगर मिलों ने अभी भी किसानों का करोड़ों रुपया अदा नहीं किया है। कुछ समय बाद दूसरा सीजन भी शुरू होने वाला है। उन्होंने बताया वह कई बार शूगर मिल अधिकारियों से मीटिंग कर चुके हैं। अभी तक उनके गन्ने की बकाया अदायगी नहीं हुई। वहीं मिल प्रबंधन इस साल 275 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का भाव देने की बात कह रहे हैं। उन्होंने बताया इस बार गन्ने की फसल अधिक है, इस पर 15 अक्टूबर को इस सीजन के लिए शुगर मिलें चलाई जाएं। किसानों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि करीब 850 करोड़ का बकाया जल्द अदा नहीं किया गया और गन्ने का पूरा भाव नहीं दिया गया तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। इस मौके पर सलविंदर सिंह प्रधान दोआबा किसान संघर्ष कमेटी, गुरप्रताप सिंह, जंगवीर सिंह, सुखबीर सिंह, सतनाम सिंह बागडिय़ां, परमजीत, सुखदेव सिंह, बलदेव सिंह, ठाकुर नागदेव सिंह, कुलबीर सिंह, हरप्रीत सिंह, रणजोध सिंह चाहल, मास्टर जोहर सिंह, प्रगट सिंह, गुरनाम सिंह, सतनाम सिंह, गुरदीप सिंह, कर्मजीत सिंह, जंगबीर सिंह, गुरप्रताप सिंह व निशान सिंह भी उपस्थित थे।