नशा बेचने वालों के बहिष्कार का एलान
पंजाब और हिमाचल पुलिस ने नशे के लिए बदनाम गांव छन्नी बेली में लगाया सेमिनार
पुलिस अधिकारियों ने गांव के लोगों से मुलाकात कर नशा विरोधी अभियान में मांगा सहयोग
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। पंजाब-हिमाचल पर बसे और नशे के लिए बदनाम गांव छन्नी बेली में दोनों प्रदेश के पुलिस अधिकारियों ने सेमिनार लगाया। पुलिस अधिकारियों ने गांव वासियों को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सहयोग मांगा। पंचायत और गांव के लोगों ने नशा बेचने वालों का सामाजिक बहिष्कार करने का एलान किया।
सेमिनार में एसएसपी पठानकोट विवेकशील सोनी, डीएसपी सिटी सुखजिंद्र सिंह, हिमाचल के नूरपुर एसपी अनिल कुमार, डीएसपी नूरपुर नवदीप कुमार व अन्य अधिकारियों ने शिरकत की। एसएसपी सोनी ने नशे का कारोबार छोड़ चुके लोगों से मुलाकात की। उन्होंने गांव के प्रधान और पूर्व प्रधानों से कहा कि चंद लोगों के कारण यह गांव हिमाचल, पंजाब ही नहीं, हरियाणा, राजस्थान और जेएंडके में भी बदनाम हो रहा है। उन्होंने कहा कि लोग पुलिस को सहयोग दें तो छन्नी बेली के लोगों के माथे पर नशा तस्करी का लगा कलंक हटाया जा सकता है, यह गांव भी आम गांवों की तरह होगा। इससे इलाके की तरक्की होगी और लोगों को अच्छा रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई फिर नशा तस्करी में पकड़ा गया तो किसी कीमत पर नहीं बख्शेंगे।
गांव के पूर्व प्रधान राजिंदर मन्हास ने कहा कि पंजाब में जनता के सहयोग से चिट्टा खत्म हुआ है उसी तरह हिमाचल में भी जब तक जनता का सहयोग नहीं होता तब तक इस पर काबू पाना बड़ी चुनौती है। मौजूदा प्रधान शेरा ने कहा कि नशे के कारोबार में कोई पकड़ा जाता है या उसके नशा बेचने की पुष्टि होती है तो गांववासी और पंचायत उनका साथ नही देगी। इस काम को करने वाले आज ही धंधे को बंद कर दें। नशा बेचने वालों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। डीएसपी नवदीप ने कहा कि पुलिस को उम्मीद है कि आप लोग नशे के कारोबार से दूर होंगे। इस मौके पर थाना प्रभारी इंदौरा संदीप पठानिया, थाना प्रभारी नंगलभूर गुरविंदर सिंह, थाना प्रभारी पठानकोट रविंदर रूबी, चौकी प्रभारी ढांगू पीर संजय शर्मा सहित कई चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।