नशे पर सख्ती के लिए एसटीएफ और पुलिस मिलकर करेंगे काम: डीजीपी
गुरदासपुर, पठानकोट, बटाला के अधिकारियों से सुरेश अरोड़ा ने की बैठक
बोले-सीमा से सटे जिलों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने पर ध्यान देने को कहा
इंतजाम अधिक पुख्ता करने से संबंधित जरूरतों और सुझावों के संबंध में विभाग को तुरंत लिखें
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर। पंजाब से नशा खत्म करने के लिए पंजाब पुलिस अहम कार्य कर रही है। नशे पर सख्ती के लिए पंजाब पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) मिलकर कार्य करेंगे। यह जानकारी पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने गुरदासपुर, पठानकोट, बटाला से संबंधित अधिकारियों से मीटिंग करते हुए दी। डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने बताया कि पंजाब पुलिस व एसटीएफ एक ही विभाग के सदस्य हैं। दोनों की संयुक्त कार्रवाई से ही नशे को जड़ से खत्म किया जा सकता है। इसके साथ उन्होंने नशे के तस्करों, व्यापारियों को गिरफ्तार कर उन्हें सख्त सजा और संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय पंचायत भवन में पंजाब पुलिस के डीजीपी सुरेश अरोड़ा के नेतृत्व में हुई मीटिंग में एसटीएफ के डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा, एडीजीपी ला एंड आर्डर ईश्वर सिंह, आईजी एसटीएफ आरके जसवाल, बार्डर रेंज के आईजी सुरिंद्रपाल सिंह परमार, एसएसपी गुरदासपुर स्वर्णदीप सिंह, एसएसपी पठानकोट विवेकशील सोनी, एसएसपी बटाला उपिंद्रजीत सिंह घुम्मण और इन जिलों के समूह गजटेड अधिकारी शामिल हुए। मीटिंग के दौरान डीजीपी ने कहा कि जिन जिलों की सीमा पाकिस्तान के साथ लगती है और पिछले समय में इन जिलों में हुई आतंकवादी घटनाओं को मद्देनजर रखते हुए इन जिलों की सुरक्षा को हर पक्ष से सुनिश्चित बनाया जाए। ताकि कोई वारदात न हो सकें। उन्होंने कहा कि गैंगस्टर जो अभी तक पुलिस के घेरे से बाहर है उन्हें पकड़ने के लिए ठोस प्रयास किए जाए और उनके पनाहगार व सहयोगियों पर शिकंजा कसा जाए।
06जीडीआर1- अधिकारियों को संबोधित करते डीजीपी सुरेश अरोड़ा।