पंजाब में फरीदकोट के गांव संधवां स्थित मार्कफेड के गोदाम से गेहूं की 14078 बोरियां गायब होने का मामला सामने आया है।
गायब हुए माल की बाजारी कीमत 1 करोड़ 88 लाख 29 हजार 164 रुपये आंकी गई है।
थाना सदर पुलिस ने मार्कफेड के जिला प्रबंधक की शिकायत पर गोदाम इंचार्ज सुखप्रीत सिंह, सेल्जमैन साधू सिंह व गुरदीप सिंह समेत गोदाम की सुरक्षा में लगे पांच गार्डों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। केस में नामजद हुए तीनों कर्मचारियों को विभाग ने कुछ दिन ही निलंबित कर दिया था।
एसएसपी फरीदकोट को सौंपी शिकायत में मार्कफेड के जिला प्रबंधक विनोद कुमार ने बताया कि गांव संधवां में स्थित बलकार ओपन गोदाम में मार्कफेड की तरफ से वर्ष 2010-11, 2011-12 व 2012-13 के दौरान भारी मात्रा में गेहूं स्टोर करवाया हुआ था। इस गोदाम की निगरानी में तैनात विभागीय कर्मचारियों ने सुरक्षा गार्डों के साथ
मिलीभगत करते हुए भारी मात्रा में गेहूं की बोरियों को खुर्दबुर्द कर दिया। गोदाम में माल कम होने की भनक मिलने पर विभाग ने एक कमेटी गठित करते हुए गोदाम की फिजिकल वेरिफिकेशन (पीवी) करवाई।
विभागीय पड़ताल के दौरान इस गोदाम से तीनों वर्षों के माल में से गेहूं की 14778 बोरियां कम पाई गईं। पीवी कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रबंधक विनोद कुमार ने एसएसपी फरीदकोट को लिखित शिकायत भेजते हुए उक्त गोदाम के इंचार्ज सुखप्रीत सिंह बरगाड़ी, सेल्जमैन साधू सिंह कोठे सैनियां व सेल्जमैन गुरदीप सिंह सेखा कलां के अलावा गोदाम की सुरक्षा में तैनात गार्ड इंचार्ज गुरजंट सिंह कोटकपूरा, गार्ड हरजीत सिंह बरगाड़ी, गुरमेल सिंह बरगाड़ी, सिकंदर सिंह कोटकपूरा व गुरनाम सिंह ढिलवां कलां के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आग्रह किया था।
एसएसपी फरीदकोट के आदेश पर थाना सदर पुलिस ने मार्कफेड के तीनों कर्मियों व 5 सुरक्षा गार्डो के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। पुलिस का दावा है कि केस में नामजद हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी शुरू कर दी गई है और जल्द ही इन्हें काबू कर लिया जाएगा।