पंजाब सरकार द्वारा लगाए जा रहे प्रापर्टी टैक्स पर स्वतंत्रता सेनानियों
और उनकी विधवाओं को पांच हजार रुपये तक की छूट मिलेगी।
इसके अलावा धार्मिक
स्थल, सरकारी स्कूल, कालेज, नगर काउंसिल की जगह तथा खेतीबाड़ी विभाग की
प्रापर्टी टैक्स की छूट के दायरे में होंगे। अन्य लोगों को पूरा टैक्स भरना
पड़ेगा।
हालांकि यह टैक्स कैसे वसूला जाएगा और समय पर टैक्स न भरने वालों
पर क्या सख्ती बरती जानी है, इसके बारे में अभी कौंसिल अधिकारियों ने
रणनीति तय नहीं की है। अधिकारी पंजाब सरकार द्वारा प्रापर्टी टैक्स लगाने
के संबंध में जारी हुई नोटिफिकेशन के इंतजार में हैं।
टैक्स न भरने वालों
पर किस प्रकार से सख्ती बरतनी है, नोटिफिकेशन मिलते ही इस पर स्थिति स्पष्ट
होगी। काउंसिल लोगों को प्रापर्टी टैक्स भरने के लिए जागरूक करेगी।
नगर
काउंसिल विभाग के ईओ जगसीर सिंह धालीवाल ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि
फिलहाल तो विभाग लोगों को टैक्स भरने के संबंध में जागरूक करेगा।
कुछ दिन
में उन्हें नोटिफिकेशन की प्रति मिल जाएगी। टैक्स कब और कैसे वसूलना है,
नोटिफिकेशन के आधार पर तय होगा। धालीवाल ने कहा कि पहले तो सिर्फ हाउस
टैक्स लगता था, मगर प्रापर्टी टैक्स लगेगा।
इसके तहत प्रापर्टी खरीदने
वालों को टैक्स भरना होगा। शहर में प्रापर्टी के संबंध में सर्वे भी होगा।
टैक्स की दर पर उन्होंने बताया कि टैक्स की दरें अलग-अलग क्षेत्रों के
हिसाब से कलेक्टर रेट पर तय होंगी।
उन्होंने कहा कि प्रापर्टी पर
स्वतंत्रता सेनानियों और उनकी विधवाओं को पांच हजार रुपये की छूट है। अगर
उनकी प्रापर्टी पर पांच हजार रुपये तक का टैक्स होगा तो उन्हें बिल्कुल
टैक्स नहीं देना पड़ेगा।
अगर इससे ज्यादा टैक्स बनेगा तो छूट के पांच हजार
रुपये कटाकर बाकी राशि भरनी पड़ेगी। सरकारी स्कूल, कालेज, खेतीबाड़ी विभाग
तथा खुद काउंसिल छूट के दायरे में आते हैं।