लेथपोरा आतंकी हमले में शहीद सीआरपीएफ जवान मोहम्मद नसीर अहमद के बड़े भाई सिराजुद्दीन, निवासी राजोरी दोदासनबाला, तहसील थन्नामंडी के घर शुक्रवार को दिनभर लोगों का मजमा लगा रहा। मोहम्मद नसीर की शहादत से पूरे गांव में जहां मातम का माहौल है, वहीं उनके बड़े भाई सिराजुद्दीन समेत हर ग्रामीण को नसीर पर गर्व है।
जम्मू कश्मीर पुलिस में कांस्टेबल सिराजुद्दीन ने बताया कि उनके पिता की मृत्य जब हुई तो वे सात साल के और मोहम्मद नसीर छह साल का था। बाद में सिराजुद्दीन पुलिस में भर्ती हो गए और वे चाहते थे कि उनका छोटा भाई नसीर सिविल विभाग में नौकरी करे। नसीर अपने बड़े भाई का बड़ा सम्मान करता था, लेकिन उसमें देशप्रेम की भावना इतनी ज्यादा थी कि उसने बड़े भाई की इच्छा से अलग अपनी मर्जी से सीआरपीएफ को ज्वाइन किया।