दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस के कारण विभिन्न देशों में भारतीय नागरिक फंस गए हैं। सरकार द्वारा इनकी वतन वापसी के लिए 'वंदे भारत मिशन' की शुरुआत की गई है। इसी कड़ी में सोमवार को दोहा, सैन फ्रांसिस्को, मेलबर्न और सिडनी से लगभग 800 भारतीय नागरिकों को चार उड़ानों से भारत वापस लाया गया। नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस बात की जानकारी दी।
केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट किया, 'आशा और खुशी वाला- वंदे भारत मिशन। 25 मई, 2020 को 833 भारतीय नागरिकों को चार उड़ानों से दोहा, सैन फ्रांसिस्को, मेलबर्न और सिडनी से दिल्ली, गया, कोच्चि और अहमदाबाद लाया गया।'
कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर में लागू लॉकडाउन की वजह से विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए केंद्र सरकार ने सात मई को वंदे भारत मिशन के पहले चरण की शुरुआत की थी। इस मिशन के दूसरे चरण की शुरुआत 16 मई को की गई।
पिछले हफ्ते, पुरी ने कहा था कि मिशन के तहत अब तक 20 हजार भारतीय नागरिकों को देश में वापस लाया जा चुका है और आने वाले दिनों में इस संख्या में बढ़ोतरी होगी।
हाल ही में, विदेश मंत्रालय ने घोषणा की थी कि इस मिशन के दूसरे चरण को बढ़ाकर 13 जून तक कर दिया गया है। मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा था कि इस मिशन का दूसरा चरण 16 मई से शुरू हुआ और यह चरण 13 जून तक चलेगा। हम इस चरण में 162 उड़ानों में 47 देशों में फंसे अपने नागरिकों को वापस लाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा था कि इस चरण में, हम इस्तांबुल, हो ची मिन्ह सिटी, लागोस आदि स्थानों को शामिल कर रहे हैं। साथ ही अमेरिका और यूरोप के लिए उड़ानें बढ़ा रहे हैं। हम फ्रैंकफर्ट को एक हब के रूप में विकसित करने पर भी विचार कर रहे हैं।