अमेरिका ने अल-जवाहिरी की मौत की कहानी पहले ही लिख ली थी। अमेरिका सेना की पूरी तैयारी थी। बस देरी मौका मिलने की थी। रविवार को जवाहिरी काबुल स्थित अपने घर की बालकनी में आया। जैसे ही वो बालकनी में दिखा, अमेरिकी सेना ने ड्रोन से अटैक कर दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन का दावा है कि उनकी सेना ने काबुल में घुसकर आतंकी संगठन अलकायदा के चीफ अयमान अल जवाहिरी को मार गिराया है। ड्रोन स्ट्राइक के जरिए इस खतरनाक मिशन को अंजाम देने की बात कही जा रही है। अल-जवाहिरी की मौत की पुष्टि खुद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने की है।
ये पहली बार नहीं है जब जवाहिरी के मारे जाने की चर्चा चल रही है। इसके पहले 2006, 2008 और 2020 में भी जवाहिरी की मरने की खबरें आ चुकी हैं। तब भी कहा गया था कि जवाहिरी मर चुका है। आइए जानते हैं कि क्या था माजरा?
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अयमान अल जवाहिरी
- फोटो : अमर उजाला
2006 में पहली बार आई थी जवाहिरी के मारे जाने की खबर
जनवरी 2006 में अमेरिका ने पाकिस्तान में हवाई हमले किए। इन हमलों में अल-जवाहिरी समेत अल-कायदा के कई आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया। हालांकि, हमले के बाद जवाहिरी की ओर से वीडियो जारी करके खुद के जिन्दा होने की बात कही गई। इस वीडियो में जवाहिरी ने उस वक्त के अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश को चिढ़ाते हुए कहा था, 'बुश क्या आप जानते हैं मैं कहां हूं?' उस वक्त जवाहिरी अल कायदा में ओसामा बिन लादेन के बाद नंबर दो था।
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अलकायदा प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी
- फोटो : अमर उजाला
2008 में उड़ी जवाहिरी के मारे जाने की अफवाह
दो साल बाद एक बार फिर अल-जवाहिरी के मारे जाने की अफवाह उड़ी। इस बार CBS न्यूज ने दावा किया अमेरिकी सैनिकों के हवाई हमले में जवाहिरी गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बाद उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद भी जवाहिरी ने वीडियो जारी करके खुद की मौत की खबरों को झूठा साबित कर दिया था।
2001 में अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले के बाद अमेरिका ने कई बार जवाहिरी को मारने की कोशिश की। कम से कम चार बार ऐसे मौके आए जब मौत जवाहिरी के करीब से गुजर गई। हर बार जवाहिरी बच निकला।
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यमान अल जवाहिरी
- फोटो : अमर उजाला
2020: अरब न्यूज ने कहा- बीमारी के चलते मर गया अलकायदा प्रमुख
20 नवंबर 2020 की बात है। अरब न्यूज ने एक खबर चलाई। इसमें पाकिस्तान और अफगानिस्तार के सुरक्षा सूत्रों के हवाले से खबर दी गई कि आतंकी संगठन अलकायदा का प्रमुख अयमान अल जवाहिरी अब इस दुनिया में नहीं रहा। दावा किया गया कि जवाहिरी को अस्थमा की बीमारी थी और इससे उसकी जान चली गई। यहां तक कह दिया गया कि उसके जनाजे में सीमित लोग ही गए थे।
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अमेरिकी ने जारी की अल-जवाहिरी की प्रोफाइल फोटो
- फोटो : FBI Website
फिर क्या हुआ?
अरब न्यूज की खबर पूरी दुनिया में फैल गई। हर किसी को लगने लगा कि वाकई में अलकायदा प्रमुख जवाहिरी मर चुका है। लेकिन अमेरिका को इस बात पर विश्वास नहीं था। अमेरिका लगातार उसे खोज रहा था। 2021 में अलकायदा ने अमेरिका की आशंका को सही साबित कर दिया। पूरी दुनिया को बता दिया कि अलकायदा प्रमुख जवाहिरी अभी जिंदा है।
इस साल जून में जवाहिरी का एक वीडियो सामने आया। इसमें उसने भारत का जिक्र किया। कर्नाटक में हिजाब विवाद को लेकर लड़ाई लड़ने वाले मुस्लिम लड़की को शाबाशी दी और भारत को धमकी।
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ओसामा बिन लादेन के साथ जवाहिरी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को ही मारा गया था जवाहिरी
अमेरिका ने अल-जवाहिरी की मौत की कहानी पहले ही लिख ली थी। अमेरिका सेना की पूरी तैयारी थी। बस देरी मौका मिलने की थी। रविवार को जवाहिरी काबुल स्थित अपने घर की बालकनी में आया। जैसे ही वो बालकनी में दिखा, अमेरिकी सेना ने ड्रोन से अटैक कर दिया। इसके बाद 48 घंटे तक पूरी दुनिया से अमेरिका ने इस खबर को छिपाए रखा। इस दौरान अमेरिका पूरी तरह से पुष्टि कर लेना चाहता था कि उसका ये हमला सफल हुआ या नहीं। जब पूरी तरह से अमेरिकी सेना को यह मालूम चल गया कि जवाहिरी मारा गया, तब राष्ट्रपति जो बाइडेन ने प्रेस के जरिए पूरी दुनिया को इस ऑपरेशन की जानकारी दी।
इस खास तकनीक से मारा गया जवाहिरी
रिपोर्ट में कहा गया है कि अल-जवाहिरी की मौत की अब तक जो तस्वीरें सामने आई हैं, उसमें न ही किसी विस्फोट के निशान मिले हैं और न ही किसी खून-खराबे के। इसके बावजूद सीआईए ने इस मिशन को अंजाम दिया। दरअसल, ड्रोन हमले के लिए अमेरिका ने अपनी खतरनाक हेलफायर आर9एक्स मिसाइल का इस्तेमाल किया। यह मिसाइल अन्य मिसाइलों की तरह विस्फोट नहीं करती। बल्कि, इसके अंदर से चाकू जैसे ब्लेड्स निकलते हैं, जो टारगेट पर सटीक निशाना लगाते हैं। हेलफायर मशीन को काफी घातक और टारगेट पर सटीक निशाना बनाने के लिए ही पहचाना जाता है। इससे आस-पास के लोगों को कोई चोट नहीं पहुंचती है। अपने संबोधन में, जो बाइडन ने कहा भी है कि सटीक हमले में जवाहिरी के परिवार के सदस्यों के अलावा किसी अन्य नागरिक को कोई नुकसान नहीं हुआ।