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Population Control Law: भारत में जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने की तैयारी, जानिए दुनिया के बाकी देशों में क्या है नियम?

Wed, 01 Jun 2022 06:57 PM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देश में एक बार फिर से जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने की चर्चा तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने इसको लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून लाया जाएगा।
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जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने की चर्चा तेज - फोटो : अमर उजाला
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देश में एक बार फिर से जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने की चर्चा तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने इसको लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून लाया जाएगा। हालांकि, ये पहली बार नहीं है, जब देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर चर्चा चल रही हो। इससे पहले भी कई बार इस कानून को लेकर बातें होती रही हैं। ऐसे में यह भी जानना जरूरी है कि दुनिया के बाकी देशों में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर क्या नियम हैं?
 
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जनसंख्या - फोटो : अमर उजाला
चीन : दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी, फिर भी तीन बच्चे पैदा करने पर मिलता है इनाम
चीन जनसंख्या नियंत्रण पर कानून बनाना वाले सबसे पहले देशों में हैं। चीन ने 1979 में अपने यहां एक बच्चे का कानून लेकर आया। तब वहां आबादी तेजी से बढ़ रही थी। लेकिन अब दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाला ये देश जन्म-दर में हो रही अत्यधिक कमी से जूझने लगा है। लैंसेट की रिपोर्ट बताती है कि सदी के आखिर तक चीन की आबादी 140 करोड़ से घटकर करीब 73 करोड़ रह जाएगी। 2019 में चीन में जन्म दर पिछले 70 साल में सबसे निचले स्तर पर आ गई। 

आशंका इस बात की भी जताई जा रही है कि चीन एक 'डेमोग्राफिक टाइम बॉम्ब' बन गया है। मतलब यहां काम करने वालों की संख्या तेजी से घटती जा रही है, जबकि बुजुर्ग ज्यादा होने लगे हैं। चीन में बुजुर्गों की बढ़ती आबादी से चिंतित होकर सरकार ने साल 2015 में एक बच्चे की नीति बंद कर दी और दो बच्चे पैदा करने की अनुमति दे दी। इससे जन्म-दर में तो थोड़ा इजाफा हुआ लेकिन लंबे समय में ये योजना बढ़ती बुजुर्ग आबादी को रोकने में पूरी तरह सफल नहीं हो सकी। यही कारण है कि अब चीन ने तीन बच्चे पैदा करने वालों को तोहफा देना शुरू कर दिया है। 
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पाकिस्तान में जनसंख्या - फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तान : जन्म दर कम करने के लिए लाई गई पॉलिसी
भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में भी बढ़ती आबादी को लेकर सरकार चिंतित है। 1951 से लेकर 2009 तक यहां जनसंख्या में काफी बढ़ोतरी हुई। इसके चलते 2010 में यहां नेशनल पॉपुलेशन पॉलिसी लाई गई। इसका मकसद है कि 2025 तक देश में जन्म दर को 2.1 प्रतिशत पर लाया जा सके। 

 

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जापान में बुजुर्गों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। - फोटो : अमर उजाला
जापान : तेजी से घटती जनसंख्या से सरकार परेशान 
एक रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक तक जापान की जनसंख्या आधी हो जाएगी। 2017 की जनगणना के अनुसार जापान की जनसंख्या 12 करोड़ 80 लाख थी, लेकिन इस शताब्दी के आखिर तक ये घटकर पांच करोड़ 30 लाख तक हो सकती है। जनसंख्या के हिसाब से जापान दुनिया का सबसे बुजुर्ग देश है। 100 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की दर भी सबसे ज्यादा जापान में है। 

इस कारण जापान में काम करने की क्षमता रखने वालों की संख्या में लगातार कमी होती जा रही है। आने वाले दिनों में हालात और खराब होने की आशंका है। सरकारी अनुमान के अनुसार साल 2040 तक जापान में बुज़ुर्गों की आबादी 35 फीसदी से ज्यादा हो जाएगी। जापान में प्रजनन दर केवल 1.4 फीसदी रह गई है। यहां दंपतियों को बच्चे पैदा करने के लिए कई तरह के प्रोत्साहन दिए जाते हैं। 

 
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इटली में जनसंख्या तेजी से घट रही है। - फोटो : अमर उजाला
इटली : 2100 तक यहां की आबादी भी आधी रह जाएगी
इटली में भी जनसंख्या तेजी से घट रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2100 तक इटली की आबादी आधी रह जाएगी। 2017 में इटली की आबादी छह करोड़ 10 लाख थी जो लैंसेट की रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा सदी के आखिर तक घटकर दो करोड़ 80 लाख रह जाएगी। जापान की ही तरह इटली में भी बुज़ुर्गों की संख्या बहुत ज्यादा है। साल 2019 के विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार इटली में 23 फीसदी आबादी 65 साल से अधिक उम्र की है। साल 2015 में इटली की सरकार ने प्रजनन दर बढ़ाने के लिए एक योजना शुरू की थी, जिसके तहत हर कपल को एक बच्चा होने पर सरकार की तरफ से 725 पाउंड यानी करीब 69 हजार रुपए दिए जाते हैं। इसके बावजूद इटली का प्रजनन दर पूरे यूरोपीय संघ में सबसे कम है।  


 
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ईरान होगा सबसे ज्यादा बुजुर्गों वाला देश - फोटो : अमर उजाला
ईरान : सबसे सख्त कानून लागू किया, अब दुनिया का सबसे बुजुर्ग देश बनने की ओर
1979 में ईरान में हुई इस्लामिक क्रांति के बाद यहां की जनसंख्या में बढ़ोत्तरी हुई थी। इससे परेशान ईरान की सरकार ने यहां सख्त जनसंख्या नियंत्रण नीति लागू कर दी। इसका असर ये है कि ईरान में सालाना जनसंख्या वृद्धि दर एक फीसद से भी कम हो गई है। मंत्रालय के अनुसार अगर इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो अगले 30 साल में ईरान दुनिया से सबसे बुज़ुर्ग देशों में एक हो जाएगा। ऐसे में ईरान ने अपनी जनसंख्या बढ़ाने के लिए नई योजना बनाई है। तय किया है कि सरकारी अस्पतालों और मेडिकल केंद्रों में पुरुषों की नसबंदी नहीं की जाएगी और गर्भनिरोधक दवाएं भी सिर्फ उन्हीं महिलाओं को दी जाएंगी, जिनको स्वास्थ्य कारणों से उन्हें लेना जरूरी होगा।

 
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भारत में जनसंख्या वृद्धि - फोटो : अमर उजाला
भारत में क्या हो रहा है? 
अलग-अलग रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले 50-60 साल में भारत चीन को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश बन जाएगा। हालांकि लैंसेट की एक रिपोर्ट का अलग दावा है। इसके अनुसार भारत में जन्मदर में कमी आई है। 1960 में यहां जन्म दर 5.91 था, जो अब घटकर 2 हो गई है। आने वाले समय में भारत की आबादी में कमी आएगी और इस सदी के आखिर तक भारत की आबादी एक अरब 10 करोड़ हो जाएगी।
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