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पाकिस्तान में भुखमरी: रोटी को मोहताज हुए पाकिस्तानी, आटे के चक्कर में चार की मौत, थैले में गैस खरीद रहे

Tue, 10 Jan 2023 05:56 PM IST
हिमांशु मिश्रा स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आलम यह है कि अब लोग पूरा गैस सिलेंडर भी नहीं खरीद पा रहे। गरीब लोग थैले में गैस खरीदने को मजबूर हैं। आइए तस्वीरों में देखते हैं कि कैसे पाकिस्तान में भुखमरी बढ़ती जा रही है? 
 
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पाकिस्तान में आर्थिक संकट - फोटो : अमर उजाला
कुछ दिन पहले भारत को आंखें दिखाने वाले पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की हालत पतली है। लोगों के घरों में अब रोटियां नहीं बन रहीं, क्योंकि आटा काफी महंगा हो गया है। सरकार ने सब्सिडी वाला आटा बांटना शुरू किया तो भगदड़ मच गई। इसमें चार लोगों की मौत हो गई। सब्जी, फल और अन्य खाद्य पदार्थों के दाम पर सातवें आसमान पर हैं। आलम यह है कि अब लोग पूरा गैस सिलेंडर भी नहीं खरीद पा रहे। गरीब लोग थैले में गैस खरीदने को मजबूर हैं। आइए तस्वीरों में देखते हैं कि कैसे पाकिस्तान में भुखमरी बढ़ती जा रही है? 
 
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ - फोटो : अमर उजाला
महंगाई दर 25 फीसदी हुई
पाकिस्तान में महंगाई दर 25% हो चुकी है। एक लीटर दूध की कीमत 144 रुपये तक पहुंच गई है। ब्रेड 98 रुपये में मिल रही है। पूरे देश में हाहाकार की स्थिति है। जिनके पास पैसे हैं, उन्हें तो कोई दिक्कत नहीं हो रही, लेकिन गरीबों के लिए स्थिति चिंताजनक हो गई है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में उर्दू अखबार के लिए काम करने वाले नजम शरीफ कहते हैं कि पाकिस्तान में महंगाई, बेरोजगारी का आलम यह हो गया है कि गरीब लोग भूखे सोने को मजबूर हैं। बड़ी संख्या में लोग एक वक्त का ही खाना खा पा रहे हैं। लोगों के घर आटा, चावल, दाल सबकुछ खत्म हो गया है। गैस-चूल्हे के दाम भी सातवें आसमान पर है। ऐसे में लोग मिट्टी के चूल्हे पर लकड़ी जलाकर खाना बना रहे हैं। शहरों में जहां, लकड़ी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है, वहां प्लास्टिक के थैले में गैस खरीद रहे हैं। 
 
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आटे के लिए जद्दोजहद करते पाकिस्तानी। - फोटो : अमर उजाला
IMF की शर्तों को मानने पर 40 फीसदी बढ़ जाएगी महंगाई
अगर पाकिस्तान की सरकार ऋण कार्यक्रम की नौवीं समीक्षा को अंतिम रूप देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की शर्तों को स्वीकार करती है तो मुद्रास्फीति 40 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी। तब हालात और भयावह हो सकते हैं। 
 

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आटे के लिए चार लोगों की मौत हो गई। - फोटो : अमर उजाला
सस्ते आटे के चक्कर में चार की गई जान
पाकिस्तान में लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने सब्सिडी पर आटा बांटना शुरू किया है। इसके चलते सिंध राज्य के मीरपुर खास जिले में चार लोगों की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार की तरफ से ट्रकों पर आए आटे के पैकेट देखकर भीड़ उमड़ पड़ी। छीना-झपटी में कई लोग घायल हो गए। 35 साल के एक मजदूर को लोगों ने कुचल दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 

इसी तरह का मामला शहीद बेनजीराबाद जिले के सकरंद कस्बे में भी सामने आया। यहां एक आटा चक्की के बाहर सस्ता आटा खरीदते वक्त भगदड़ मच गई। इससे तीन महिलाओं की मौत हो गई। सिंध और कराची में आटे की कीमत 130 से 170 रुपए प्रति किलोग्राम है। सब्सिडी रेट पर आटा 65 रुपए प्रति किलो बिक रहा है।

हालत इतनी खराब है कि लोग 5-5 किलो की एक-एक बोरी के लिए लड़ रहे हैं। खैबर पख्तूनख्वा में सबसे महंगा आटा मिल रहा है। यहां खुले बाजार में 20 किलो आटे के पैकेट की कीमत 3100 रुपए तक पहुंच गई है। एक साल पहले इसकी कीमत 1100 रुपए थी। कई वीडियो भी सामने आ चुके हैं। जहां, लोग सरकारी आटा खत्म होने पर रोने लग रहे हैं। लोगों ने सरकार से कहा कि अगर खाना नहीं दे सकते हैं तो सबको मार डाला जाए। 


 
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आटा के लिए लाइन में लगे लोग। - फोटो : अमर उजाला
आटा बांटने के लिए पुलिस तैनात की जा रही
आटे की मारा-मारी के चलते पाकिस्तान के कई जिलों से मारपीट और बवाल की घटना सामने आ चुकी है। अब सरकार ने सब्सिडी पर आटा बांटने के दौरान पुलिस की तैनाती शुरू कर दी है। इसके जरिए भीड़ को कंट्रोल किया जा रहा है। आटे की बढ़ती कीमतों की वजह से कई इलाकों में लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। 
 
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आटे के लिए लाइन में लगे लोग। - फोटो : अमर उजाला
चावल, मैदा, दूध, मांस सबकुछ हुआ महंगा
पाकिस्तान के फूड डिपार्टमेंट के अनुसार, अभी एक किलोग्राम गेहूं की कीमत 122 रुपये है। हालांकि, बाजारों में 130 से 160 रुपये किलोग्राम तक मिल रहा है। एक किलो मैदा का दाम 130 से 160 रुपये किलो, सूजी का दाम 115-150 रुपये तक है। चावल 155 से 190 रुपये किलो और दाल 200 से 250 रुपये में एक किलोग्राम बिक रही है। चायपत्ती का दाम 1000 से 2000 रुपये किलो हो गया है। पाउडर वाले दूध 1300 से 1500 रुपये किलोग्राम बिक रहा है। 
 
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प्लास्टिक थैले में गैस भरवा रहे लोग। - फोटो : अमर उजाला
प्लास्टिक की थैली में बिक रहा गैस
पाकिस्तान में नेचुरल गैस का भी संकट बढ़ गया है। सरकार ने गैस की सप्लाई भी कम कर दी है। इसके चलते गैस सिलेंडर के दाम काफी बढ़ गए हैं। लोगों के लिए गैस सिलेंडर खरीदना मुश्किल हो गया है। गांवों में लोग लकड़ी जलाकर खाना पका रहे हैं, तो शहरी इलाकों में गरीब लोग प्लास्टिक के बैग में गैस खरीद रहे हैं। गैस पाइपलाइन नेटवर्क से जुड़ी दुकानों में थैलियों के अंदर गैस भरकर बेची जा रही है। लोग छोटे इलेक्ट्रिक सक्शन पंप की मदद से इसका इस्तेमाल रसोई में कर रहे हैं। इसके चलते ब्लास्ट की घटनाएं भी बढ़ गईं हैं।
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