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श्रीलंका धमाकों को लेकर ऐसी रही वर्ल्ड मीडिया की प्रतिक्रिया, खुफिया एजेंसी ने पहले ही दी थी चेतावनी

Mon, 22 Apr 2019 11:07 AM IST
Priyesh Mishra वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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श्रीलंका में धमाका - फोटो : अमर उजाला
ईस्टर संडे के मौके पर हुए आठ बम धमाकों ने श्रीलंका को दहला दिया। इन धमाकों में अबतक 290 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 500 से ज्यादा लोग घायल हैं। मरने वालों में पांच भारतीय नागरिक भी हैं। श्रीलंका के इतिहास में 27 साल पहले 15 अक्टूबर 1992 को लिट्टे ने मस्जिद में ब्लास्ट किया था। इस हमले में 172 लोगों की मौत हो गई थी। खुफिया एजेंसी ने इस हमले को लेकर 10 दिन पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी। इस हमले को विदेशी मीडिया ने भी प्रमुखता से प्रकाशित किया है। यहां जानिए किसने क्या कहा-
 
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श्रीलंका तबाही

डेली मेल (ब्रिटेन)

क्या बम धमाकों के लिए स्थानीय आतंकी संगठन को आईएस ने मदद की?, बौद्ध, मुस्लिम और ईसाइयों के बीच श्रीलंका में तनाव बढ़ा है। धमाकों को लेकर 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पांच ब्रिटिश नागरिकों की मौत हुई है। ईसाइयों से भेदभाव के 86 मामले पिछले और 26 इस साल दर्ज हुए।
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श्रीलंका धमाका

डॉन (पाकिस्तान)

अमेरिका ने पहले ही श्रीलंका में रह रहे ईसाइयों को लेकर चिंता जताई थी। पहले भी ईसाइयों ने आरोप लगाया था कि उन्हें चर्चों में प्रार्थना करने से रोका जा रहा है। श्रीलंका सरकार ऐसी घटनाओं को लेकर गंभीर नहीं है। 

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श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर सीरियल बम धमाके हुए - फोटो : ANI

द गॉर्डियन

ईसाइ दुनिया भर में गंभीर उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं। इस हमले ने श्रीलंका में उग्रवाद और गृहयुद्ध की यादों को ताजा किया है। यह मानवता पर हमला। 
 
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श्रीलंका चर्च - फोटो : social media

न्यूयार्क टाइम्स

श्रीलंका में धर्म आधारित हिंसा कभी भी देखने को नहीं  मिली। हिंसा के दौरान ब्लास्ट देख चुके श्रीलंकाई भी हैरान।
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