कोरोना वायरस के संक्रमण की गति अब भी पहेली बनी है। वैज्ञानिकों का मानना है कि कोरोना संक्रमित कुछ लोग ही संक्रमण को फैलाते हैं, जिन्हें सुपर स्प्रेडर कहते हैं।अधिकतर संक्रमित लोग वायरस को फैलाने में अहम भूमिका नहीं निभाते हैं। एक अनुमान के अनुसार, दस में से नौ लोग अगर संक्रमण नहीं फैलाते हैं, लेकिन अगर दसवां व्यक्ति बीस लोगों को संक्रमित करता है तो औसतन दस के हिसाब से दो व्यक्ति संक्रमित हुए। चीन में जब वायरस ने कहर बरपाना शुरू किया, तो महामारी रोग विशेषज्ञ यही पता करने में जुटे की एक व्यक्ति से वायरस कितने लोगों तक पहुंच सकता है। जॉर्जिया स्थित एमॉरी यूनिविर्सिटी के प्रो. क्रिस्टिन नेल्सन का कहना है कि इन्फलुएंजा और चेचक जैसे रोग एक से दूसरे व्यक्ति में कम गति से फैलते थे। वहीं, मीजल्स और सार्स जैसी बीमारियां अचानक तेजी के साथ फैलती हैं और कुछ चुनिंदा लोग ही इसे दूसरों तक फैलाते हैं।