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Covid-19 : कुछ सुपर स्प्रेडर फैलाते हैं वायरस, कोरोना संक्रमण की गति अब भी बनी है पहेली

Sun, 05 Jul 2020 07:10 AM IST
संदीप भट्ट न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन
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कोरोना वायरस के संक्रमण की गति अब भी पहेली बनी है। वैज्ञानिकों का मानना है कि कोरोना संक्रमित कुछ लोग ही संक्रमण को फैलाते हैं, जिन्हें सुपर स्प्रेडर कहते हैं।अधिकतर संक्रमित लोग वायरस को फैलाने में अहम भूमिका नहीं निभाते हैं। एक अनुमान के अनुसार, दस में से नौ लोग अगर संक्रमण नहीं फैलाते हैं, लेकिन अगर दसवां व्यक्ति बीस लोगों को संक्रमित करता है तो औसतन दस के हिसाब से दो व्यक्ति संक्रमित हुए। चीन में जब वायरस ने कहर बरपाना शुरू किया, तो महामारी रोग विशेषज्ञ यही पता करने में जुटे की एक व्यक्ति से वायरस कितने लोगों तक पहुंच सकता है। जॉर्जिया स्थित एमॉरी यूनिविर्सिटी के प्रो. क्रिस्टिन नेल्सन का कहना है कि इन्फलुएंजा और चेचक जैसे रोग एक से दूसरे व्यक्ति में कम गति से फैलते थे। वहीं, मीजल्स और सार्स जैसी बीमारियां अचानक तेजी के साथ फैलती हैं और कुछ चुनिंदा लोग ही इसे दूसरों तक फैलाते हैं।
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माचिस की तीली की तरह संक्रमित लोग
रिसर्च साइंटिस्ट प्रो. बेन ऑल्टहाउस का कहना है कि कोरोना संक्रमित लोग माचिस की एक तीली की तरह होते हैं। जैसे एक जलती हुई तीली किसी ने फेंकी तो आग नहीं लगी। दूसरी से भी नहीं लगी लेकिन तीसरी तीली सही जगह गिरी और आग ने भयावह रूप धारण कर लिया। यही हाल कोरोना के साथ है कब कौन संक्रमित व्यक्ति कितने लोगों को एक साथ संक्रमित करेगा कुछ कहा नहीं जा सकता है।
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दो फीसदी ने फैलाया बीस फीसदी संक्रमण
डॉ. नेल्सन और उनकी टीम ने मार्च से मई तक कोरोना संक्रमित 9,500 लोगों का विश्लेषण किया। पांच देशों में वायरस के प्रसार को लेकर मॉडल तैयार किया और पता करना चाहा कि एक व्यक्ति ने कितने लोगों को संक्रमित किया है। इसमें पता चला कि केवल दो फीसदी लोगों ने बीस फीसदी संक्रमण फैलाया। इसके बाद वैज्ञानिक अब ये पता करने में जुटे हैं कि वायरस फैलाने वाले सुपर स्प्रेडर कौन हैं और ये कब और कहां होता है।

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चुनिंदा लोगों में कुनबा बढ़ाता है वायरस 
शोधकर्ताओं का अनुमान है, वायरस कुछ चुनिंदा लोगों में अपना कुनबा बढ़ाता है। ये भी संभव है कि कुछ लोग वायरस की चपेट में आ जाते हैं और सांस के जरिये बड़ी संख्या में वायरस बाहर निकलकर दूसरों को अपना शिकार बनाते हैं। कुछ लोग गंभीर रूप से बीमार होते हैं और दूसरों को भी बीमार कर देते हैं। लॉकडाउन के बीच भी वायरस का प्रसार तेज रहा इसका मतलब है कि वायरस ने बाहर निकलने वाले लोगों को मोहरा बनाया और अपना दायरा बढ़ाता चला गया।
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बाजार वायरस के नए केंद्र 
डॉ. नेल्सन के अनुसार भीड़ वाले स्थान वायरस के लिए सबसे मुफीद जगह है। यहां से वायरस खतरनाक रूप धारण कर सकता है। पब-बार, बाजार और रेस्टोरेंट वायरस के नए केंद्र हंै जबकि तेज आवाज में बोलने और बात करने से भी प्रसार की संभावना अधिक है। सर्दी-जुकाम, खांसी और छींक से वायरस बाहर आएगा। ऐसे स्थानों पर अगर पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं होगा तो वायरस घंटों रह सकता हैं।
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