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Tension: इस्राइल के हमलों में ईरान के परमाणु ठिकानों को कितना नुकसान? सैटेलाइट तस्वीर से दिखा तबाही का मंजर

Sun, 15 Jun 2025 04:15 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान

सार

इस्राइल ने 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' के तहत ईरान के नतांज, फोर्डो और इस्फहान परमाणु ठिकानों पर घातक हमले किए। जिसके बाद सवाल ये खड़ा हो रहा है कि आखिर इस हमले से ईरान और उसके परमाणु ठिकानों को कितना नुकसान हुआ है? इस हमले को लेकर मैक्सर टेक्नोलॉजीज ने सैटेलाइट तस्वीर जारी की है। आइए तस्वीरों के माध्यम से ईरान के परमाणु ठिकानों पर मची तबाही के मंजर पर प्रकाश डालते है...

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ईरान के नतांज यूरेनियम प्लांट को इस्राइल ने तबाह किया - फोटो : एक्स@detresfa_/Maxar Technologies

'ऑपरेशन राइजिंग लायन' के तहत इस्राइल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर घातक हमले किए। जिसके बाद अब जाकर इन हमलों की सैटेलाइट तस्वीर सामने आई है। मैक्सर टेक्नोलॉजीज की तरफ से जारी की गई इन हाई-रिजोल्यूशन तस्वीरों में नतांज और फोर्डो जैसे प्रमुख परमाणु स्थलों पर हुए विनाश की साफ झलक मिल रही है।

तस्वीरों में साफ तौर पर देखा जा रहा है कि इस्राइल ने नतांज और फोर्डो में स्थित यूरेनियम संवर्धन केंद्रों और इस्फहान स्थित यूरेनियम रूपांतरण सुविधा को निशाना बनाया। नतांज में जमीन के ऊपर बना एक अहम हिस्सा पूरी तरह नष्ट हो गया है। इन केंद्रों में वो मशीनें (सेंट्रीफ्यूज) लगी होती हैं जो यूरेनियम को उच्च स्तर तक संवर्धित करती हैं।

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इस्राइल-ईरान तनाव - फोटो : PTI

क्या है ऑपरेशन राइजिंग लायन, समझिए
बता दें कि इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बीते शुक्रवार को ईरान के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू करने की घोषणा की थी। उन्होंने बताया कि इस अभियान का नाम ऑपरेशन राइजिंग लायन रखा गया है। नेतन्याहू ने बताया कि इस अभियान को शुरू करने का मकसद ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों से पैदा हो रहे खतरे को खत्म करना है। 

कबतक चलेगा ऑपरेशन?
इसके साथ ही पीएम नेतन्याहू ने यह भी कहा था कि इस्राइल ने पहले ही ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमला किया है। उन्होंने कहा था कि कुछ ही समय पहले, इस्राइल ने ऑपरेशन राइजिंग लायन शुरू किया है, जिसका मकसद इस्राइल के अस्तित्व के लिए ईरानी खतरे को कम करना है। नेतन्याहू ने कहा था कि यह ऑपरेशन तब तक चलेगा, जब तक की खतरा पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता। 

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इस्राइल-ईरान तनाव - फोटो : PTI
परमाणु कार्यक्रम को लग सकता है बड़ा झटका
वहीं इस्राइल के इन हमलों को लेकर एक अमेरिकी संस्थान इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी (आईएसआईएस) ने कहा कि इन हमलों के कारण इन केंद्रों की बिजली आपूर्ति को भारी नुकसान हुआ है। इससे सेंट्रीफ्यूज मशीनों को गंभीर क्षति पहुंच सकती है, जिससे परमाणु कार्यक्रम को झटका लग सकता है।

आईएईए प्रमुख ने क्या कहा?
वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफेल ग्रोसी ने परमाणु स्थलों पर हमले को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा था कि परमाणु स्थलों पर हमला नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे पूरे क्षेत्र और दुनिया में गंभीर परिणाम हो सकते हैं। हालांकि अब तक कोई रेडिएशन लीक नहीं हुआ है।

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परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान का स्टैंड
बता दें कि शुरुआत से ही ईरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त है। जहां ईरान लंबे समय से कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ शांतिपूर्ण नागरिक उद्देश्यों के लिए है। लेकिन इस्राइल का आरोप है कि ईरान गुपचुप तरीके से परमाणु बम बना रहा है, जिससे उसकी सुरक्षा खतरे में है।

इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइल का संघर्ष ईरानी जनता से नहीं बल्कि वहां की तानाशाही सरकार से है। उन्होंने कहा कि हम दुनिया के सबसे खतरनाक शासन को दुनिया के सबसे खतरनाक हथियार नहीं लेने देंगे।

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