रूस और यूक्रेन का युद्ध तीन साल से अधिक समय से चल रहा है। एक अनुमान के मुताबिक दोनों देशों के हिंसक संघर्ष में अब तक 10 लाख से अधिक लोग हताहत हो चुके हैं। दोनों देशों के बीच शांति की पहल कर रहे बड़े देश अब लंदन में एकजुट हुए हैं। सीजफायर के साथ-साथ यूरोप की सुरक्षा का आह्वान करते वैश्विक नेता ब्रिटेन में जमा हुए।
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लंदन के शिखर सम्मेलन में बोले स्टार्मर- यूक्रेन के साथ यूरोप के कई देश
- फोटो : पीटीआई / एपी
रूस और यूक्रेन के बीच जारी हिंसक संघर्ष कैसे थमेगा? ये सवाल अब यक्ष प्रश्न बनकर लोगों के जेहन में कौंध रहा है। सबकी नजरें अमेरिकी राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन की भावी मुलाकात पर टिकी हैं। ट्रंप से मिलकर लंदन पहुंचे यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने यहां कई बड़े देशों के नेताओं से मुलाकात की। जेलेंस्की की तस्वीरें मेजबान देश ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के अलावा कनाडा के कार्यकारी प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के साथ भी सामने आई हैं।
यूक्रेन का समर्थन करने की अपील, अमेरिका पर भी बोले ब्रिटिश प्रधानमंत्री
स्टार्मर ने लंदन के शिखर सम्मेलन में यूक्रेन का समर्थन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कई पीढ़ियों में ऐसे मौके केवल एक बार आते हैं, जब फैसला लेना बेहद जरूरी होता है। उन्होंने यूरोप की सुरक्षा के लिए इस फैसले को समय की मांग बताया। पीएम स्टार्मर ने कहा कि वह इस बात से असहमत हैं कि अमेरिका एक अविश्वसनीय सहयोगी है, लेकिन यूरोप को यूक्रेन को धन मुहैया कराना जारी रखना चाहिए
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लंदन शिखर सम्मेलन में कार्यकारी कनाडाई प्रधानमंत्री के साथ यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की
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यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने लंदन शिखर सम्मेलन के दौरान कनाडा के कार्यकारी प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के साथ भी मुलाकात की। तस्वीर में दोनों के हावभाव देखकर स्पष्ट है कि दोनों नेता कितने संवेदनशील और गंभीर मुद्दे पर बातचीत कर रहे हैं। बता दें कि लंदन आने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और जेलेंस्की की बहस के बाद शांति बहाली और युद्धविराम को लेकर कई आशंकाएं सामने आने लगी हैं।
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लंदन शिखर वार्ता में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की
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एक पीढ़ी में एक बार आने वाला क्षण
यूक्रेन में शांति बहाली को लेकर लंदन में आयोजित सम्मेलन में प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि यूक्रेन के लिए एक अच्छा परिणाम प्राप्त करना "यहां के हर देश और कई अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, यह 'एक पीढ़ी में एक बार आने वाला क्षण है।' यूरोप की सुरक्षा के लिए अब कदम उठाना जरूरी है।
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यू्क्रेन की आर्थिक मदद करेगा ब्रिटेन
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यूक्रेन को रक्षा ऋण मुहैया कराएगा ब्रिटेन
ब्रिटेन की वित्त मंत्री (चांसलर ऑफ एक्सचेकर) रेचेल रीव्स ने यूक्रेन को आर्थिक मदद देने का एलान किया है। इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री स्टार्मर और यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की की मौजूदगी में रक्षा ऋण दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। रेचेल यूक्रेन के वित्त मंत्री सर्जियो मार्चेंको के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक भी करेंगी।
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लंदन शिखर सम्मेलन में फ्रांस और ब्रिटेन के नेताओं के साथ जेलेंस्की
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लंदन में फ्रांस, कनाडा, इटली समेत कई देश; यूरोपीय यूनियन का फ्लैग भी दिखा
'सिक्योरिंग आवर फ्यूचर' शीर्षक के साथ लंदन शिखर वार्ता की शुरुआत को चिह्नित करने के लिए आधिकारिक तस्वीर भी सामने आई। इसमें यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और कनाडा के कार्यकारी पीएम जस्टिन ट्रूडो समेत 17 देशों के नेता दिखे।
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लंदन में यूक्रेन पर शिखर सम्मेलन: नाटो महासचिव मार्क रूटे भी पहुंचे, पीएम स्टार्मर ने किया स्वागत
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नाटो महासचिव भी लंदन सम्मेलन में पहुंचे
यूक्रेन और रूस के बीच संघर्ष का एक कारण नाटो की सदस्यता के मुद्दे को भी माना जाता है। नाटो में कई बड़े देश शामिल हैं। रूस इसका अंग नहीं है। रूस यूक्रेन के नाटो में शामिल होने के खिलाफ है। हालांकि, तीन साल से अधिक लंबे समय तक खिंची लड़ाई के बाद बात ऐसे मोड़ पर आ पहुंची है, जब खुद ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने यूरोपीय देशों की सुरक्षा को लेकर सवाल किया है। यही कारण है कि लंदन में आयोजित यूक्रेन शिखऱ सम्मेलन में नाटो महासचिव मार्क रूटे भी पहुंचे। प्रधानमंत्री स्टार्मर ने खुद उनका स्वागत किया। वर्तमान में नाटो सदस्य देशों की संख्या 32 है।
कौन हैं सदस्य NATO सदस्य
राजनीतिक और सैन्य संगठन के रूप में 1949 में सामने आए संगठन- नाॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (NATO) में 32 सदस्य देश शामिल हैं। इनमें यूरोप और उत्तरी अमेरिका के देश भी शामिल हैं। स्थापना के समय अमेरिका, कनाडा और 10 यूरोपीय देशों ने हस्ताक्षर किए थे। आज 75 साल के इतिहास के बाद सदस्यों की संख्या ढाई गुना बढ़ चुकी है। नाटो के सदस्यों में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, तुर्किये, इटली, कनाडा, डेनमार्क, फिनलैंड, नीदरलैंड, स्पेन, पुर्तगाल, बेल्जियम, नॉर्वे, फिनलैंड और स्वीडन जैसे देशों के नाम शामिल हैं।
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लंदन में इतालवी प्रधानमंत्री का स्वागत करते पीएम कीर स्टार्मर
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इतालवी प्रधानमंत्री से मिले पीएम स्टार्मर, अमेरिका से भी पूरे समर्थन की उम्मीद
स्टार्मर ने कहा कि अमेरिका कई दशकों से ब्रिटेन का भरोसेमंद सहयोगी रहा है और आगे भी बना रहेगा। उन्होंने कहा, 'दोनों देशों की तरह घनिष्ठतम संबंध किसी भी अन्य दो देशों के बीच नहीं है। यूक्रेन में शांति के लिए वह एक योजना पर काम कर रहे हैं, उसे अमेरिका का समर्थन मिलने की पूरी उम्मीद है।' ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने यूक्रेन संकट के बीच लंदन में आयोजित सुरक्षा शिखर सम्मेलन में इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से भी मुलाकात की।
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लंदन शिखर वार्ता में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की
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युद्ध के स्थायी समाधान का प्रयास, इटली के निरंतर समर्थन और साझेदारी का आभार
बता दें कि लंदन में आयोजित शिखर सम्मेलन में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी अपना पक्ष बेबाकी से रखा। इस सम्मेलन में फ्रांस, जर्मनी, डेनमार्क, इटली, नीदरलैंड, नॉर्वे, पोलैंड, स्पेन, कनाडा, फिनलैंड, स्वीडन, चेक गणराज्य और रोमानिया के नेता भी शामिल हो रहे हैं। युद्ध के स्थायी समाधान के लिए उन्होंने इतालवी प्रधानमंत्री के साथ भी बैठक की। उनके साथ स्थायी शांति बहाल करने के लिए एक संयुक्त कार्य योजना विकसित करने का प्रयास हो रहा है। पुतिन के अलावा कोई भी तत्काल युद्ध को खत्म करने में रुचि नहीं रखता। ऐसे हालात में यूक्रेन के साथ अन्य देशों को भी एकजुट होना चाहिए। यूरोप और अमेरिका समेत सभी सहयोगियों को मिलकर यूक्रेन को एक मजबूत सुरक्षा गारंटी देनी चाहिए। सबको शांति का समर्थन करने की जरूरत है। यूक्रेन में शांति बहाल करने में इटली के निरंतर समर्थन और साझेदारी के लिए आभारी हैं।
व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की
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व्हाइट हाउस में ट्रंप और जेलेंस्की के बीच क्या हुआ
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जेलेंस्की के बीच व्हाइट हाउस में हुई मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते तल्ख होने की खबरें आईं। ट्रंप ने जेलेंस्की पर अमेरिकी समर्थन के प्रति पर्याप्त आभार नहीं प्रकट करने का आरोप लगाया। तनावपूर्ण माहौल को लेकर आई खबरों में यह भी सामने आया कि व्हाइट हाउस से यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल को बिना लंच कराए बाहर निकाल दिया गया। यूक्रेन को समर्थन देने के लिए लंदन के शिखर सम्मेलन में युद्ध विराम को मजबूत करने के उपायों पर बात की खबरें भी आईं। खबरों के मुताबिक बड़े देशों की मौजूदगी में यूक्रेन में भेजे जाने वाले यूरोपीय सैन्य बल की स्थापना पर भी बातचीत हुई।